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खेल विभाग में बड़ा खेल, ₹1000 का ट्रैक शूट 1800 में खरीदे, 200 की टी शर्ट 490 में, 1.50 करोड़ की लगाई चपत

ports Equipment Purchase Controversy In Chhattisgarh
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Chhattisgarh Sports Department Scam: खेल विभाग में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक में खिलाड़ियों के लिए की गई खरीदी में बड़ा खेल कर दिया है।
  • खिलाड़ियों के लिए 1000 रुपए में मिलने वाले ट्रैक शूट 1800 रुपए में खरीदे गए हैं।
  • वहीं, 200 रुपए में मिलने वाली टी शर्ट की खरीदी 490 रुपए में की गई है।
  • मनमाने दाम में खरीदी कर 1.47 करोड़ रुपए की चपत सरकारी खजाने में लगाई गई है।

Chhattisgarh Sports Department Scam: खेल विभाग में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक में खिलाड़ियों के लिए की गई खरीदी में बड़ा खेल कर दिया है। खिलाड़ियों के लिए 1000 रुपए में मिलने वाले ट्रैक शूट 1800 रुपए में खरीदे गए हैं। वहीं, 200 रुपए में मिलने वाली टी शर्ट की खरीदी 490 रुपए में की गई है। मनमाने दाम में खरीदी कर 1.47 करोड़ रुपए की चपत सरकारी खजाने में लगाई गई है।

खेल विभाग में खरीदी में की गई गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। टीआरपी के पास मौजूद शिकायत के दस्तावेज बताते हैं कि बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए जूता-मोजा, ट्रैक शूट, टी-शर्ट, टोपी आदि की खरीदी के लिए 3 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था। इसके लिए 10 सितंबर को जेम पोर्टल के जरिए खरीदी का टेंडर किया गया था। लेकिन 21 अक्टूबर की देर रात नेशनल प्रोडक्ट मार्ट रायपुर को रात 10.30 बजे 2.89 करोड़ रुपए की सप्लाई का वर्क ऑर्डर कर दिया गया। इसमें ट्रैक शूट, टी-शर्ट के अलावा शॉर्ट्स (निक्कर) की खरीदी भी मनमाने दाम में की गई है। शॉर्ट्स की खरीदी 200 रुपए की जगह 485 रुपए में खरीदी गई है। इतना ही नहीं, जूते की खरीदी भी 500 रुपए की बजाय 1500 रुपए में खरीदी गई है। इस तरीके से सभी सामग्रियों की खरीदी में सरकारी खजाने में लगभग 1.47 करोड़ रुपए की चपत सरकारी खजाने में लगाई गई है।

कुछ इस तरीके से की गई गड़बड़ी

ट्रैक शूट- ट्रैक शूट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1200 रुपए प्रतिनग में और आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने 1000 रुपए में और आगरा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने 1100 रुपए में खरीदी है। वहीं, छग में खेल विभाग ने इसकी खरीदी 1800 रुपए प्रति नग की दर से खरीदी है।

टी-शर्ट- टी शर्ट की खरीदी खेल विभाग ने 490 रुपए प्रति नग की दर से की है, जबकि इसी की खरीदी नेशनल एजुकेशन सोसाइटी दिल्ली द्वारा 200 रुपए में और ओडिशा सरकार ने 250 रुपए प्रति नग के हिसाब से खरीदी की गई है।

शॉर्ट्स- शॉर्ट्स के लिए प्रति नग खेल विभाग ने 485 रुपए की दर से भुगतान किया है, जबकि इसी की खरीदी नेशनल एजुकेशन सोसाइटी दिल्ली द्वारा 200 रुपए प्रति नग के हिसाब से की गई है।

जूता- जूते लिए 1500 रुपए प्रति सेट की दर वेंडर को भुगतान किया गया है, जबकि उसी कंपनी यूनीस्टार का जूता ऑनलाइन मार्केट में ही 500 रुपए की दर से प्रति सेट उपलब्ध है।

एक ही दिन में भुगतान प्रक्रिया में

टीआरपी के पास मौजूद शिकायत के दस्तावेज बताते हैं कि सामग्रियों से नमूने की जांच कराने के साथ ही लोगो-सील-डिजाइन का भी अप्रूवल लेना होता है और इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस पूरी प्रक्रिया में 10 दिन से अधिक का समय लगता है। लेकिन 7 दिनों में ही 3 करोड़ की सामग्री पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए सप्लाई करना और देयक प्रस्तुत करना विभागीय जानकारों के अनुसार असंभव है।

बिना कारण बढ़ाया गया समय

निविदा में किसी विशेष परिस्थिति के कारण समय में वृद्धि की जा सकती है, इसमें तिथि बढ़ाने के साथ ही डेट एक्सटेंशन का भी उल्लेख करना होता है, लेकिन दो बार बिना कारण के ही निविदा की अवधि बढ़ाई गई, ताकि मनचाहे वेंडर को दस्तावेज तैयार करने और लैब रिपोर्ट बनाने का समय मिल सके।

हमने कहा था गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए

हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि इसमें गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। जेम के माध्यम से खरीदी की गई है, इसलिए गड़बड़ी की गुंजाइश कम है। फिर भी चेक करवा लेते हैं, अगर कोई गड़बड़ी की गई होगी तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
अरुण साव, मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छग

Vikas Soni
लेखक / पत्रकार:

Vikas Soni

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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