छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
अदालत के आदेश के बावजूद तीन महीने में कोई सख्य फैसले नहीं लिए जाने पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया गया है। मामले में कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई पर शिक्षा सचिव को नोटिस
सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई शुरू करने के मामले में हाईकोर्ट ने पहले आदेश दिया था। इसके बावजूद पिछले तीन महीने के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिस पर हाईकोर्ट ने
नाराजगी जताई। मामले में अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है। अब सचिव को अदालत में अपना जवाब देना होगा।
राज्य स्थापना दिवस पर 36 विभूतियों को मिलेगा सम्मान
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 36 विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया है। राज्य अलंकरण समारोह में इन्हें पुरस्कार दिए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं और समाज के लिए किए गए विशिष्ट कार्यों को पहचान देना है।
नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए 2 नवंबर से आवेदन
छत्तीसगढ़ के शासकीय और निजी नर्सिंग कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (CGDME) की राज्य काउंसिलिंग समिति के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन 2 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू होंगे। प्रवेश के इच्छुक योग्य अभ्यर्थियों को तय समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
PM मोदी ने CM साय को लिखा पत्र, छत्तीसगढ़ से जुड़ाव याद किया
छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संगठन के दिनों से ही उनका छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने माओवाद प्रभावित रहे बस्तर में हो रहे बदलाव पर भी खुशी जताई।
नवा रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव शुरू
छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव की शुरुआत हो चुकी है। नक्सल-मुक्त राज्य बनने के बाद इसे प्रदेश का पहला राज्योत्सव बताया गया है। आयोजन स्थल को देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगरों ने सजाया है। यहां सरकारी विभागों की विकास योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।



