रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी’मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है। सेवा की शुरुआत से लेकर अब तक पिछले 7-8 महीनों में प्रदेशभर से मांग, शिकायत और समस्याओं से जुड़ी 2 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
इसी बीच, शिकायतों के पेंडिंग मामलों और उनकी गुणवत्ता पर फीडबैक मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल (शुक्रवार) दोपहर 3 बजे खुद सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर कामकाज की समीक्षा करेंगे।
दो दिन पहले सीएस ने ली थी बैठक
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस हाई-लेवल मीटिंग से महज दो दिन पहले मुख्य सचिव (CS) विकासशील ने प्रदेश के आला सचिवों के साथ बैठक कर शिकायतों के निपटारे को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और अधिकारियों को पूरी गंभीरता से मामलों का निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए थे। अब मुख्य सचिव से मिले फीडबैक और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर खुद सीएम विष्णुदेव साय प्रशासनिक अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी समीक्षा
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने जानकारी दी है कि यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। बैठक के दौरान शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण हुआ या नहीं,शिकायत दर्ज कराने वाले नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उनकी संतुष्टि का स्तर क्या है, विभिन्न जिलों में लंबित मामलों की प्रगति और जिलावार कार्य-निष्पादन की समीक्षा।
कलेक्टरों की जवाबदेही तय
जब छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन (नंबर 1076) की शुरुआत की गई थी, तब सीएम साय ने सभी जिला कलेक्टरों को इसकी सीधी जिम्मेदारी सौंपी थी। कल होने वाली इस अहम समीक्षा बैठक में यह भी परखा जाएगा कि मैदानी स्तर पर कलेक्टरों ने इस योजना को कितने प्रभावी ढंग से लागू किया है और जनता की शिकायतों को दूर करने में कितनी गंभीरता दिखाई है।



