देवेंद्र कुमार मिश्रा/धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल इलाकों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले महज 24 घंटों के भीतर तेंदुए के लगातार हमलों से पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल है। तेंदुए ने एक-दो नहीं बल्कि 12 ग्रामीणों को अपना शिकार बनाकर घायल कर दिया है, वहीं एक गर्भवती महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद से ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबे हुए हैं।
गर्भवती महिला की गई जान, इलाके में शोक
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली मृतका की पहचान रामशिला मांडवी (25 वर्ष), निवासी बस्तर-बूड़रा के रूप में हुई है। अचानक हुए इस हमले और गर्भवती महिला की असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। वनांचल में वन्यजीवों की बढ़ती धमक ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है।

कारीपानी के जंगल में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में खौफ
तेंदुए के हमलों की अधिकांश घटनाएं सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र और उससे लगे वनांचल से सामने आ रही हैं। हाल ही में कारीपानी के जंगल में भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली है। लगातार सामने आ रही इन वारदातों के कारण गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा घायलों का इलाज
तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तीन घायलों का इलाज जिला अस्पताल धमतरी में जारी है।
अन्य घायलों को सिविल अस्पताल नगरी, सिविल अस्पताल बोराई और केशकाल क्षेत्र के विश्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
गांव में सतर्क रहने की मुनादी
सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व और केशकाल वन परिक्षेत्र से जुड़े इलाकों में लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। जंगल के किनारे बसे गांवों के लोगों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल, वन विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक कार्रवाई और विस्तृत जानकारी का इंतजार है। स्थानीय लोगों की मांग है कि तेंदुए को जल्द से जल्द सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए, ताकि आगे किसी और अनहोनी को टाला जा सके।



