YouTuber arrested in blackmail case: सोशल मीडिया पर फर्जी पत्रकारिता और ब्लैकमेलिंग का खेल खेलने वाले एक यूट्यूबर को अंततः जेल हुआ है। पस्ता थाना पुलिस ने शिक्षक से 10 हजार रुपये की वसूली और वीडियो वायरल करने की धमकी के मामले में यूट्यूबर दीपक यादव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जांच में पुलिस ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-फोटो के स्क्रीनशॉट और पेन ड्राइव जब्त की। शिक्षक की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज भी जांच में शामिल किए गए।
पहला दांव: फाउंडेशन के नाम पर 10 हजार की डिमांड
यह मामला पस्ता थाना क्षेत्र के प्राथमिक शाला पुटसु का है। यहां पदस्थ सहायक शिक्षक और प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने शिकायत दर्ज कराई कि यूट्यूबर दीपक यादव और उसके साथी अपने फाउंडेशन के नाम पर 10 हजार रुपये मांग रहे थे। पैसे न देने पर बदनाम करने और नौकरी से सस्पेंड कराने की धमकी दी गई।
दूसरा दांव: बिना अनुमति स्कूल में घुसकर वीडियोबाजी
शिकायत के मुताबिक 25 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1 बजे आरोपी श्रवण यादव और सूर्या यादव प्राथमिक स्कूल पुटसु पहुंचे। बिना अनुमति स्कूल परिसर में वीडियो बनाने लगे। शिक्षक रुकमण बारीक के साथ अभद्र व्यवहार किया और पैसे देने का दबाव बनाया।
तीसरा दांव: YouTube-Facebook पर वायरल की धमकी
आरोपियों ने कहा – अगर 10 हजार नहीं दिया तो वीडियो यूट्यूब और फेसबुक पर वायरल कर देंगे। यूट्यूबर दीपक यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर वीडियो अपलोड भी कर दिया। इसके बाद पीड़ित शिक्षक ने पस्ता थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया।
हाईकोर्ट में यूट्यूबर को लगा बड़ा झटका
FIR के बाद आरोपी दीपक यादव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी। जमानत खारिज होते ही पुलिस ने एक्शन लिया।

कौन हैं तीनों आरोपी? अब सलाखों के पीछे
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया:
1. दीपक यादव (23) – निवासी टांगरमहरी, बलरामपुर (मुख्य आरोपी यूट्यूबर)
2. श्रवण यादव (34) – निवासी ग्राम पुटसु, थाना पस्ता
3. सूर्या यादव (20) – निवासी बलरामपुर
बलरामपुर पुलिस की सख्त चेतावनी
इस मामले के सामने आने के बाद बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को धमकाना, जबरन पैसे मांगना या बदनाम करने के उद्देश्य से वीडियो प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बलरामपुर में किसे गिरफ्तार किया गया है?
Ans. यूट्यूबर दीपक यादव (23) समेत तीन आरोपियों – श्रवण यादव (34) और सूर्या यादव (20) को। तीनों पर शिक्षक को ब्लैकमेल करने का आरोप है।
Q2. शिक्षक से कितने पैसे की मांग की गई थी और क्यों?
Ans. पुटसु प्राथमिक शाला के प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक से फाउंडेशन के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए थे। पैसे न देने पर वीडियो वायरल और नौकरी से सस्पेंड कराने की धमकी दी।
Q3. घटना कब और कैसे हुई?
Ans. 25 अगस्त 2026 को दोपहर 1 बजे आरोपी बिना अनुमति स्कूल में घुसे, वीडियो बनाया, अभद्र व्यवहार किया और बाद में वीडियो यूट्यूब-फेसबुक पर वायरल कर दिया।
Q4. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
Ans. पस्ता थाने में BNS की धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3) और 3(5) के तहत FIR दर्ज हुई है। डिजिटल सबूत के तौर पर वीडियो और पेन ड्राइव जब्त की गई है।
Q5. हाईकोर्ट से क्या हुआ?
Ans. आरोपी दीपक यादव ने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।



