CG Human Rights Commission: छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग के सामने कई बार ऐसे अजीबोगरीब और अनपेक्षित मामले सामने आ जाते हैं, जो पूरी तरह से चर्चा का विषय बन जाते हैं। ऐसा ही एक अनोखा मामला आयोग के समक्ष पहुंचा, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने रावण का पुतला जलाए जाने को सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन करार दिया।
इस अजीबोगरीब शिकायत ने न सिर्फ आयोग के अधिकारियों को बल्कि हर किसी को हैरान कर दिया है।
आयोग ने बताया अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर, दी दिलचस्प दलील
शिकायतकर्ता का यह अनोखा तर्क था कि महाभारत काल में दुर्योधन ने रावण की तुलना में कहीं अधिक गंभीर और बड़े पाप किए थे, फिर भी दुर्योधन के स्थान पर हर साल रावण का ही पुतला क्यों जलाया जाता है? इस पर छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए शिकायतकर्ता को बेहद स्पष्ट रूप से समझाया कि चूंकि रावण मानव (इंसान) की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए यह विषय मानवाधिकार आयोग के कानूनी और वैधानिक अधिकार क्षेत्र से पूरी तरह से बाहर है।
वर्ष 2000 से अब तक सामने आए 74 हजार से अधिक मामले
आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधारी नायक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2000 से लेकर 2026 तक की इस लंबी अवधि में आयोग के पास लगभग 74 हजार प्रकरण सुनवाई के लिए पहुंच चुके हैं। इनमें से अधिकांश मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में करीब 900 मामले लंबित हैं जिन्हें तेजी से सुलझाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन सभी शिकायतों में कई बार इस तरह के बेतुके और अनोखे मामले भी शामिल होते हैं।
सामाजिक बहिष्कार और पेंशन से जुड़ी समस्याओं पर फोकस
आयोग के पास आने वाली कुल शिकायतों में से लगभग 40 से 45 प्रतिशत मामले सामाजिक बहिष्कार से जुड़े होते हैं, हालांकि गहन जांच के बाद केवल 1 प्रतिशत मामलों में ही दंडात्मक कार्रवाई की स्थिति बनती है। इसके अलावा, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की अटकी हुई पेंशन के मामलों को भी आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है। ट्रेजरी अधिकारियों से सीधी बातचीत और सख्त पहलों के चलते कई वर्षों से लंबित पड़े लगभग 120 पेंशन मामलों का सफलतापूर्वक समाधान कराया गया है।
कर्मचारियों के अधिकार और अनाथ बच्चों के संरक्षण पर विशेष जोर
मानव अधिकारों के दायरे में रहते हुए आयोग ने महाविद्यालयों के छात्रों की कॉशन मनी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के बकाये वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित कराया है। इसके साथ ही, अनाथ बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि नक्सली संगठनों द्वारा उनका शोषण रोके जाने के साथ-साथ उन्हें अपराध की दुनिया से दूर रखा जा सके। आयोग समाज के हर वर्ग के अधिकारों के प्रति लगातार सजग रहकर कार्य कर रहा है।
- छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग में एक शिकायतकर्ता ने रावण का पुतला जलाए जाने को मानवाधिकारों का हनन बताते हुए आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
- आयोग ने स्पष्ट किया कि रावण मानव श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से पूरी तरह बाहर है।
- छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधारी नायक हैं।
- आयोग के पास आने वाली कुल शिकायतों में से लगभग 40 से 45 प्रतिशत मामले सामाजिक बहिष्कार से जुड़े होते हैं।
- वर्ष 2000 से 2026 तक आयोग के पास लगभग 74 हजार प्रकरण आयोग के समक्ष सुनवाई के लिए आ चुके हैं।



