Raipur Pension Protest: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी किए गए उस आदेश के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसके तहत अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों की पेंशन व्यवस्था पर रोक लगाई गई है। इस आदेश के विरोध में रायपुर के प्रतिष्ठित दुर्गा महाविद्यालय सहित बिलासपुर, अंबिकापुर और भिलाई के विभिन्न अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त हुए प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
पीड़ित शिक्षकों और कर्मियों ने इस सरकारी फैसले को बेहद अमानवीय और दमनकारी करार देते हुए इसके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर दिया एकदिवसीय सांकेतिक धरना
अपनी मांगों को लेकर व्यथित और पीड़ित प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को रायपुर के दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने एकदिवसीय सांकेतिक धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त गुरुजन और उनके समर्थक उपस्थित रहे। धरने के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस फैसले पर गहरी असंतोष जताते हुए इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेने की पुरजोर मांग की और अपनी वर्षों पुरानी व्यवस्था को बनाए रखने की गुहार लगाई।
बुढ़ापे में आजीविका और इलाज का गहराया गंभीर संकट
सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों का कहना है कि अचानक पेंशन बंद किए जाने से उनके समक्ष जीवन-यापन, गंभीर बीमारियों के इलाज, पारिवारिक खर्च और बैंक ईएमआई जैसी बेहद जरूरी और बुनियादी जिम्मेदारियों को पूरा करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। संघ के मुताबिक, अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के इन शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले 37 वर्षों से लगातार पेंशन का लाभ मिलता आ रहा था, जिसे अचानक बंद करना उनके अधिकारों पर कुठाराघात है।
कांग्रेस नेताओं ने धरने को दिया समर्थन, सरकार पर बोला हमला
सेवानिवृत्त गुरुजनों के इस आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिलना शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया। कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह तत्काल प्रभाव से 1 सितंबर 2026 का आदेश निरस्त करे और पिछले 37 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक पेंशन व्यवस्था को पुनर्वहाल करे।
‘गुरुजनों की इस लड़ाई में अंतिम सांस तक साथ खड़े रहेंगे’ – कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जिन गुरुजनों ने अपना पूरा जीवन छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने और एक बेहतर समाज के निर्माण में समर्पित कर दिया, उनके बुढ़ापे का सहारा छीनना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इन सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ अंतिम सांस तक संघर्ष करती रहेगी।
- सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने 1 सितंबर 2026 को जारी किए गए पेंशन बंद करने के आदेश के विरोध में धरना दिया है।
- यह एकदिवसीय सांकेतिक धरना रायपुर के दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने आयोजित किया गया था।
- इस आंदोलन में रायपुर के अलावा बिलासपुर, अंबिकापुर और भिलाई के अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के लोग शामिल हुए।
- पेंशन बंद होने से सेवानिवृत्त कर्मियों के सामने जीवन-यापन, इलाज, पारिवारिक खर्च और जरूरी ईएमआई चुकाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
- धरने को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस पार्टी ने इस धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।



