Chhattisgarh Reform Utsav: पूरे छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर 2026 से रिफॉर्म उत्सव शुरू होगा। इसके साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। यह अभियान जन योजना अभियान (PPC) के साथ एकीकृत रूप से चलेगा। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों से गांव की जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कामों पर सुझाव लिए जाएंगे। इन्हीं सुझावों को ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में ग्रामीणों को VGPP तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़े, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों के बारे में बताया जाएगा। गांव में मौजूद ऐसी परिसंपत्तियों की भी पहचान की जाएगी, जो जमीन पर हैं लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में बस्ती और वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श होगा। इस दौरान स्थानीय जरूरतों और विकास से जुड़ी कमियों की पहचान की जाएगी।
375 तरह के कामों में से गांव चुनेगा प्राथमिकता
‘रिफॉर्म उत्सव’ के दौरान ग्राम सभाओं में VB-GRAMG के तहत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार और समय पर मजदूरी भुगतान जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा। इसके साथ 375 अनुमेय कार्यों में से गांव की जरूरत के अनुसार काम चुनने, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और अलग-अलग योजनाओं के अभिसरण पर भी चर्चा होगी। लखपति दीदी योजना और आजीविका गतिविधियों को लेकर भी ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा।
पंचायत से लेकर युवाओं तक भागीदारी
अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और अन्य ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यानी गांव की विकास योजना तैयार करने में अलग-अलग वर्गों की जरूरतों और सुझावों को शामिल करने पर जोर रहेगा।
दिसंबर में सामने आएगा योजना का प्रारूप
अक्टूबर-नवंबर में जरूरतों और कमियों की पहचान के बाद दिसंबर में तैयार VGPP का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को मंजूरी देगी। इसके बाद योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी की जाएगी।
जल, आजीविका और अधोसंरचना पर रहेगा फोकस
VGPP में गांव की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले काम शामिल होंगे। VB-GRAMG के तहत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरत के अनुसार कामों का चयन किया जा सकेगा।
QR कोड से भी मिलेगी जानकारी
‘रिफॉर्म उत्सव’ के लिए पंचायत सचिवों को VB-GRAMG से जुड़े आठ प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए QR कोड के जरिए ग्रामीण इन जानकारियों तक पहुंच सकेंगे। इस संयुक्त पहल के जरिए ग्राम सभा को सिर्फ योजनाओं की जानकारी देने का मंच नहीं, बल्कि गांव की जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की विकास योजना तैयार करने में ग्रामीणों की भागीदारी का मंच बनाया जाएगा।



