Crores in cash found in a vehicle’s secret chamber: दुर्ग जिले में करोड़ों की रकम को वाहन के भीतर गुप्त चैंबर बनाकर ले जाने के तरीके ने कई गंभीर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या रायपुर से नागपुर (महाराष्ट्र) का यह मार्ग काले धन की आवाजाही (Transit Route) का मुख्य जरिया बनता जा रहा है?
इस आशंका को बल इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि ठीक इससे पहले, 20 सितंबर को भी इसी मार्ग पर कुम्हारी के पास रायपुर से महाराष्ट्र जा रही दो स्कॉर्पियो गाड़ियों की जांच के दौरान 6 करोड़ 60 लाख रुपए बरामद किए गए थे, जिसकी जांच अभी भी जारी है। बार-बार इस तरह की घटनाओं के सामने आने से यह साफ है कि इस रूट पर अवैध कैश मूवमेंट का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
मुखबिर तंत्र और अंदरूनी कलह की आशंका
जानकारों का मानना है कि पुलिस तक इस गुप्त परिवहन की पुख्ता और सटीक सूचना पहुंचाने वाला कोई आम आदमी नहीं हो सकता। यह इस बात का संकेत है कि रकम भेजने वालों के अपने ही किसी करीबी राजदार या इस अवैध कारोबार से जुड़े किसी प्रतिद्वंदी ने ही पुलिस तक यह मुखबिरी पहुंचाई है। हालांकि पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही इस बड़े वित्तीय नेटवर्क और इसके असली सरगनाओं से पर्दा उठ सकेगा।

किस तरह बनाया गया था गुप्त चैंबर ?
दुर्ग जिले में पुलिस ने एक दिन पूर्व ही अवैध रूप से ले जाए जा रहे 4 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं। यह भारी-भरकम रकम एक पिकअप वाहन के पिछले हिस्से में बेहद शातिर तरीके से बनाए गए गुप्त चैंबर (सीक्रेट चैंबर) में छिपाई गई थी। बिना पुख्ता जानकारी के इस गुप्त चैंबर का पता लगाया ही नहीं जा सकता। इसमें पिक अप के डाले में एक और लेयर बनाया गया था। जिसे खोलकर नोटों के बंडल छिपाये जाते थे। इस मामले में पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में ले लिया है और आयकर विभाग (IT) को इसकी सूचना दे दी गई है।

कहां से आया, कहां जा रहा था पैसा?
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप (क्रमांक CG 04 QU 5996) रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से पैसे लोड कर नागपुर (महाराष्ट्र) की ओर जा रही थी। दुर्ग सिटी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शोभराज अग्रवाल ने बताया कि 26 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे मिली एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डबरापारा इलाके में वाहन की घेराबंदी की।
जब पिकअप वाहन की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसका पिछला हिस्सा संदिग्ध प्रतीत हुआ। अधिकारियों ने जब उसकी जांच की, तो वहां एक गुप्त चैंबर बना हुआ मिला, जिसके अंदर से नोटों के बंडल बरामद किए गए।

हिरासत में दो संदिग्ध आरोपी
पुलिस ने मौके से वाहन में मौजूद दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। इनके नाम हैं भवेशभाई जीणाभाई डाभी (वाहन चालक) और विष्णुदेव दुबे
रायपुर-नागपुर रूट पर दूसरा बड़ा मामला – ट्रांजिट रूट का शक गहराया
यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक इससे पहले 20 सितंबर को भी इसी रायपुर-नागपुर मार्ग पर कुम्हारी के पास दो स्कॉर्पियो गाड़ियों से 6 करोड़ 60 लाख रुपये बरामद हुए थे, जिसकी जांच अभी भी चल रही है। एक ही रूट पर बार-बार इतनी बड़ी रकम मिलना इशारा करता है कि इस हाइवे पर काले धन की आवाजाही का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग को सौंप दी है। अब इस बेहिसाब रकम के स्रोतों और इसके असली मालिकों का पता लगाने के लिए आगे की जांच आयकर विभाग द्वारा की जाएगी।
हवाला के जरिये करोड़ों का होता है लेनदेन
यह बात जगजाहिर है कि देश के अधिकांश हिस्सों में हवाला के जरिये करोड़ों रूपये एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजे जाते हैं। इसका सीधा-साधा फंडा यह होता है कि आपको बड़ी रकम दूसरी जगह पर तत्काल भेजनी हो तो कोई भी जानकार तुरंत ऐसे हवाला वालों से संपर्क करा देगा। फिर कोड वर्ड के जरिये आपकी दी हुई रकम कमीशन काटकर दूसरे स्थान पर संबंधित व्यक्ति के सुपुर्द कर दी जाएगी। बाद में ऐसे ही नोटों के बंडल गुप्त तरीके से एक से दूसरे स्थानों पर भेजे जाते हैं। इसी तरह अवैध तरीके से की गई काली कमाई भी ट्रांसफर की जाती है। पुलिस द्वारा यदा-कदा की जाने वाली कार्रवाई तो सामने आती है, मगर रकम किसकी है कहां ले जाये जा रहे थे, इसका खुलासा कभी आम नहीं होता।
FAQ – दुर्ग में करोड़ों की रकम बरामद
Q1. दुर्ग में कितनी रकम बरामद हुई है और कैसे?
दुर्ग पुलिस ने खुर्सीपार के डबरापारा में एक बोलेरो पिकअप CG 04 QU 5996 के गुप्त चैंबर से 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं।
Q2. गाड़ी कहां से कहां जा रही थी?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक गाड़ी रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से पैसे लोड कर नागपुर, महाराष्ट्र की ओर जा रही थी।
Q3. गुप्त चैंबर कैसे बनाया गया था?
पिकअप के डाले में एक और लेयर बनाई गई थी, जिसे खोलने पर अंदर नोटों के बंडल छिपे थे। बिना सटीक सूचना के इसे पकड़ना मुश्किल था।
Q4. इस मामले में किसे हिरासत में लिया गया है?
पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों – वाहन चालक भवेशभाई जीणाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे को हिरासत में लिया है।
Q5. क्या इससे पहले भी इस रूट पर कैश पकड़ा गया है?
हां, 20 सितंबर को भी इसी रायपुर-नागपुर मार्ग पर कुम्हारी के पास दो स्कॉर्पियो से 6 करोड़ 60 लाख रुपये बरामद हुए थे। इसी कारण इस रूट के हवाला का ट्रांजिट रूट बनने का शक गहरा गया है।



