मंगलवार, 3 नवंबर 2026 मंगल, 3 नव॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
TRP Crime News

Sanju Tripathi Murder Case: पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रही पुलिस, अब मृतक की पत्नी ने CBI जांच की मांग उठाई

sanju tripathi cbi janch
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Bilaspur: शहर के सबसे सनसनीखेज संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा मोड़ आ गया है।
  • बिलासपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2026 को सुनाए फैसले में हत्या के सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है।
  • अदालत ने कहा कि पुलिस अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकी, इसलिए सभी आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाता है।
  • कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मृतक संजू त्रिपाठी की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग उठाई है।

Bilaspur: शहर के सबसे सनसनीखेज संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा मोड़ आ गया है। बिलासपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2026 को सुनाए फैसले में हत्या के सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि पुलिस अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकी, इसलिए सभी आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाता है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मृतक संजू त्रिपाठी की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि उन्हें जिला न्यायालय से न्याय नहीं मिला है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पुलिस की जांच पर उठे गंभीर सवाल, चश्मदीद पलटे

सुनवाई के दौरान अभियोजन का केस पूरी तरह कमजोर साबित हुआ। पुलिस ने जिन दो लोगों को प्रमुख चश्मदीद बनाया था, उनमें से एक की गवाही ही दर्ज नहीं हो सकी, जबकि दूसरा कोर्ट में अपने पुराने बयान से मुकर गया। इसके अलावा फॉरेंसिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी कोर्ट ने पर्याप्त नहीं माना। गवाहों के पलटने से पुलिस की पूरी थ्योरी ध्वस्त हो गई।

पुलिस ने इस हत्याकांड में संपत्ति विवाद और पारिवारिक रंजिश को कारण बताते हुए संजू के भाई कपिल त्रिपाठी को मुख्य साजिशकर्ता बनाया था। लेकिन कोर्ट में यह साबित नहीं हो सका।

सकरी बायपास पर दिनदहाड़े हुई थी हत्या

गौरतलब है कि 14 दिसंबर 2022 को बिलासपुर के सकरी बायपास स्थित खनिज बैरियर के पास संजू त्रिपाठी की कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे छत्तीसगढ़ को हिला दिया था।

हत्याकांड के सभी 22 आरोपी हुए बरी

गौरतलब है कि बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना और आरोपियों को संदेह का लाभ दिया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को गवाहों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। पुलिस के बनाए दो प्रमुख चश्मदीदों में से एक की गवाही दर्ज नहीं हो सकी, जबकि दूसरा अपने पहले के बयान से मुकर गया। इसके अलावा तकनीकी, फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर भी सवाल उठे।

पत्नी किरण बोलीं- मिलीभगत हुई, जान को खतरा

कोर्ट से सभी आरोपी बरी होने के बाद किरण त्रिपाठी ने पुलिस और आरोपियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच में गंभीर गड़बड़ियां हुईं जिसका फायदा आरोपियों को मिला। किरण ने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और कहा कि फैसले के बाद उनके परिवार पर खतरा बढ़ गया है। हालांकि मिलीभगत और खतरे से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

अदालत के फैसले के बाद किरण त्रिपाठी की CBI जांच की मांग ने इस चर्चित हत्याकांड को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या उनकी मांग पर जांच एजेंसी से पड़ताल कराने की पहल होगी और क्या परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल किरण ने पुलिस जांच पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग रखी है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. संजू त्रिपाठी हत्याकांड में कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
A. बिलासपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2026 को संजू त्रिपाठी हत्याकांड के सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत, गवाह और साक्ष्य पेश नहीं कर सका, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।

Q2. पुलिस की जांच में क्या कमी रही?
A. कोर्ट की सुनवाई में पुलिस के दो प्रमुख चश्मदीद गवाहों में से एक की गवाही दर्ज नहीं हो सकी और दूसरा अपने बयान से मुकर गया। फॉरेंसिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी कमजोर पाए गए, जिससे पुलिस आरोप साबित करने में नाकाम रही।

Q3. अब मृतक की पत्नी किरण त्रिपाठी क्या मांग कर रही हैं?
A. सभी आरोपियों के बरी होने के बाद मृतक की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस और आरोपियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है और अपनी व बच्चों की जान को खतरा बताते हुए निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन