teenage girl caught in the web of superstition: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर जिले में स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाली एक नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि के बाद शिक्षा और प्रशासनिक जगत में हड़कंप मच गया है। अब प्रशासन और पुलिस दोनों हरकत में हैं।
इस मामले में एक बैगा को गिरफ्तार किया गया है, जिसके ऊपर छात्रा के इलाज के बहाने रेप करने का आरोप है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
हॉस्टल में तबीयत बिगड़ी तब खुला राज
17 अक्टूबर को छात्रावास में छात्रा की तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो अधीक्षक ने उसे अंतागढ़ अस्पताल पहुंचाया। वहां मेडिकल जांच में करीब 5 माह की गर्भावस्था का पता चला। परिजनों से पूछताछ पर नाबालिग ने आपबीती बताई। इसके बाद 18 अक्टूबर को ताड़ोकी थाना (ग्राम आमागांव क्षेत्र) में FIR दर्ज हुई।
अंधविश्वास बना इस त्रासदी की जड़
जानकारी के मुताबिक छात्रा की तबीयत पिछले कई महीनों से खराब चल रही थी। परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चलते गांव के बैगा-वैद्यराज के पास इलाज के लिए ले जाते रहे। बैगा ने बच्चेदानी में समस्या बताकर ताबीज दिया और इलाज के नाम पर अलग ले जाकर घिनौनी वारदात को अंजाम देता रहा।
नशीली दवा से बेहोश कर घिनौना कृत्य
इसके बाद अलग-अलग अवसरों पर नाबालिग को आरोपी के घर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसे परिजनों से अलग रखा जाता था। परिजनों द्वारा पूछताछ करने पर नाबालिग ने आरोपी पर नशीली दवा देकर बेहोश करने और इस दौरान यौन शोषण करने का आरोप लगाया।
बैगा गिरफ्तार, POCSO एक्ट में केस
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 44 वर्षीय वैद्यराज रमेश कुमार पिस्दा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर POCSO एक्ट और बलात्कार की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
कलेक्टर गंभीर, 4 सदस्यीय जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार ने तत्काल 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
- अध्यक्ष: भानुप्रतापपुर SDM अनिकेत अशोक फड़तरे
- निर्देश: 3 दिन के भीतर सभी पहलुओं की विस्तृत जांच रिपोर्ट
- छात्रावास अधीक्षक और मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस
- जिले के सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जया मनु ने भी मामले की पुष्टि की है।
नोट: पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान गोपनीय रखना कानूनी और मानवीय रूप से अनिवार्य है। यह खबर अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई पर केंद्रित है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. यह मामला कहां का है?
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का है।
Q2. अंधविश्वास का एंगल क्या है?
परिजन छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल के बजाय गांव के बैगा के पास इलाज के लिए ले जाते रहे, जहां आरोपी ने इलाज के बहाने वारदात की।
Q3. आरोपी कौन है और क्या कार्रवाई हुई?
44 वर्षीय वैद्यराज रमेश कुमार पिस्दा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, POCSO सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।
Q4. प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
कलेक्टर कुंदन कुमार ने SDM अनिकेत अशोक फड़तरे की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच टीम बनाई है, जिसे 3 दिन में रिपोर्ट देनी है, साथ ही छात्रावास अधीक्षक को नोटिस जारी किया गया है।



