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Raipur: CM के प्रमुख सचिव IAS सुबोध सिंह की फेक ID बनाने वाला हमीरपुर से गिरफ्तार, शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख ठगने वाला कानपुरिया भी धरा गया

Major Breakthrough in ‘Operation Cyber ​​Shield’: छत्तीसगढ़ पुलिस के ऑपरेशन साइबर शील्ड ने यूपी में बैठे साइबर ठगों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में यूपी के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव वरिष्ठ IAS सुबोध कुमार सिंह की […]

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तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Major Breakthrough in ‘Operation Cyber ​​Shield’: छत्तीसगढ़ पुलिस के ऑपरेशन साइबर शील्ड ने यूपी में बैठे साइबर ठगों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में यूपी के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव वरिष्ठ IAS सुबोध कुमार सिंह की फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी का जाल बुना था, तो दूसरे ने शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक महिला से 88 लाख रुपये ठग लिए थे।

आईएएस सुबोध कुमार सिंह नाम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेसबुक पर फर्जी आई डी बनाए जाने की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और सर्विलांस की मदद से आरोपी को धार दबोचा

केस 1: IAS सुबोध सिंह की फेक ID बनाकर वसूली का प्लान, हमीरपुर का जाटव चढ़ा हत्थे

प्रार्थी सुशांत पनका ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सीनियर IAS सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बना रखी है। इस पर राखी पुलिस ने BNS की धारा 319(2), 336(3) और IT एक्ट 66(C) के तहत अपराध दर्ज किया और जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी।

तकनीकी जांच में फेसबुक, गूगल और मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से मिले डाटा का एनालिसिस किया गया तो आरोपी की लोकेशन हमीरपुर निकली। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन कुमार जाटव पिता मुन्नू कुमार, उम्र 23 साल, निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, हमीरपुर (UP) को गिरफ्तार किया।

कई बड़े लोगों की फर्जी फेसबुक आईडी मिली

जांच में पता चला कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी आईडी का धंधा करता था। उसके मोबाइल को खंगालने पर पुलिस के होश उड़ गए – उसमें देश के कई बड़े जनप्रतिनिधियों और बड़े अफसरों की फर्जी फेसबुक आईडी के सबूत मिले हैं, जिस पर अब अलग से कार्रवाई होगी।

केस 2: दीक्षित एजेंसी के नाम पर 88 लाख की शेयर ट्रेडिंग ठगी, कानपुर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर उनसे 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस पर रेंज साइबर थाना रायपुर में अपराध क्रमांक 14/24, धारा 318(4), 3(5), 238, 111 BNS और 66(D) IT एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।

बैंक खातों, मोबाइल नंबर और वॉट्सएप चैट के तकनीकी विश्लेषण से पुलिस कानपुर तक पहुंची। आरोपी प्रवीण कुमार दीक्षित पिता विद्याभूषण दीक्षित, उम्र 46 साल, पता पांडु नगर हंसनगर कानपुर (UP) अपने साथी के साथ मिलकर दीक्षित एजेंसी नामक फर्जी कंपनी बनाकर बैंक अकाउंट खोलता था और ठगी की रकम उसी में मंगवाता था। पूछताछ में उसने अपने नेटवर्क के कई और नाम उगले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के जिस बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ, उस पर देश के 11 अलग-अलग थानों और साइबर सेल में पहले से ही रिपोर्ट दर्ज हैं।

दोनों को भेजा जेल, नेटवर्क की जांच जारी

रेंज साइबर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत अंतरराज्यीय साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. IAS सुबोध सिंह की फेक ID मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
23 साल का अर्जुन कुमार जाटव, निवासी हमीरपुर UP को, जिसने IAS सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक ID बनाकर ठगी करने की कोशिश की थी।

Q2. 88 लाख की ठगी किस नाम पर हुई?
रश्मि शर्मा से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर दीक्षित एजेंसी नामक फर्जी कंपनी के बैंक खातों में 88 लाख रुपये की ठगी की गई, आरोपी प्रवीण दीक्षित कानपुर का रहने वाला है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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