धमतरी/रायपुर। शेयर मार्केट में रातोंरात अमीर बनने का लालच लोगों को कंगाल बना रहा है। लोग अपनी गाढ़े पसीने की कमाई महीने के निश्चित मुनाफे के लालच में शेयर ट्रेडिंग के फर्जी जाल में झोंक दे रहे हैं। शुरुआती 2-3 महीने छोटा-मोटा मुनाफा देकर भरोसा जीता जाता है और फिर बड़ी रकम लेकर आरोपी फरार हो जाता है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी में पकड़ में आया है, जहां पुलिस ने 3 करोड़ 12 लाख की ठगी के मुख्य आरोपी को इंदौर से गिरफ्तार किया है।
आरोपी विक्रम सिंह शाह कलेक्ट्रेट रोड धमतरी में ‘वेल्थ ट्रैकर’ नाम से ऑफिस चलाता था। वह लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में पैसा लगाने पर हर महीने 4% निश्चित ब्याज देने का लालच देता था। भरोसा जीतने के लिए वह स्टाम्प पेपर पर नोटरी इकरारनामा बनवाता और सिक्योरिटी के नाम पर बैंक का चेक भी दे देता था। कागज और चेक देखकर लोग झांसे में आ जाते थे।
62 साल के बुजुर्ग के 25 लाख डूबे
गुरूर बालोद निवासी शिवकुमार साहू 62 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने और उनके परिवार ने 25 लाख रुपये निवेश किए थे। शुरू में मुनाफा मिला, फिर आरोपी पैसा लेकर फरार हो गया। जांच में खुलासा हुआ कि संगीता सिन्हा से 81 लाख, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख, भूषण सिन्हा से 28 लाख, चेतन सिन्हा से 16 लाख, प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख समेत कुल 3.12 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है।
इंदौर में घेराबंदी कर पकड़ा
SP भावना पांडेय के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र से आरोपी की लोकेशन इंदौर में ट्रेस की। टीम ने घेराबंदी कर 29 अक्टूबर को विक्रम सिंह शाह 37 वर्ष, निवासी हटकेशर धमतरी को गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में क्लासिक टॉवर अमलीडीह रायपुर में रह रहा था। उसके पास से 2 मोबाइल, एक टैबलेट, नोटरी कागजात और बैंक चेक जब्त हुए हैं।
लोग कैसे बचें – कहां लगाएं पैसा
- निश्चित मुनाफे के वादे से बचें: शेयर बाजार में कभी भी फिक्स 4% मंथली मुनाफा संभव नहीं है। जो भी निश्चित रिटर्न का वादा करे, समझिए 100% ठगी है।
- SEBI रजिस्टर्ड ही मान्य: किसी भी व्यक्ति या वेल्थ ट्रैकर जैसी फर्म में निवेश से पहले SEBI की वेबसाइट पर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें। बिना SEBI रजिस्ट्रेशन के कोई भी शेयर ट्रेडिंग के लिए पैसा नहीं ले सकता।
- नोटरी-चेक के झांसे में न आएं: ठग भरोसे के लिए स्टाम्प पेपर और चेक देते हैं, लेकिन चेक बाउंस हो जाता है और नोटरी का कोई कानूनी मूल्य नहीं होता। असली कंपनियां कभी चेक नहीं देतीं।
- कहां निवेश करें: अपनी कमाई सरकारी मान्यता प्राप्त जगह ही लगाएं – पोस्ट ऑफिस, बैंक FD, PPF, NPS, म्यूचुअल फंड (Direct AMC से), और डीमैट अकाउंट खुद के नाम पर खोलकर SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर से ही ट्रेडिंग करें। किसी तीसरे को पैसा ट्रांसफर कभी न करें।
पुलिस ने की ये अपील
धमतरी पुलिस ने अपील की है कि असामान्य अधिक और निश्चित मासिक मुनाफे का लालच देने वालों से सावधान रहें। निवेश से पहले वैधानिकता जांचें और ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत करें।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. धमतरी में क्या ठगी हुई है?
आरोपी विक्रम सिंह शाह ने वेल्थ ट्रैकर ऑफिस की आड़ में शेयर ट्रेडिंग में हर महीने 4% मुनाफे का लालच देकर 3.12 करोड़ रुपये की ठगी की। भरोसे के लिए नोटरी इकरारनामा और बैंक चेक देता था।
Q2. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
SP भावना पांडेय के निर्देश पर तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर से लोकेशन इंदौर में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 29 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
Q3. लोग इस जाल में कैसे फंसते हैं?
लोग अपनी गाढ़ी कमाई पर ज्यादा ब्याज के लालच में आ जाते हैं। शुरू में 2-3 महीने मुनाफा देकर भरोसा जीता जाता है, फिर बड़ी रकम लेकर आरोपी फरार हो जाता है।
Q4. इस तरह की ठगी से कैसे बचें?
- फिक्स मंथली रिटर्न के वादे से बचें, शेयर बाजार में फिक्स रिटर्न असंभव है। 2. SEBI रजिस्ट्रेशन चेक करें। 3. किसी तीसरे व्यक्ति के खाते में पैसा ट्रांसफर न करें, अपना खुद का डीमैट अकाउंट खोलें। 4. सरकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस, PPF, NPS, SEBI रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड में ही निवेश करें।
Q5. ठगी होने पर कहां शिकायत करें?
तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या नजदीकी थाना अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।



