Tamil Nadu News: तमिलनाडु के थेनी जिले की एक उप-जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा जेलर समेत 17 कर्मचारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के बाद राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना 26 अक्टूबर को थेनी जिले की थेक्कमपट्टी उप-जेल में हुई थी। यहां बंद 17 कैदियों ने कथित तौर पर जेल से भागने के लिए पहले मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया। इसके बाद उन्होंने जेल कर्मचारियों को काबू में कर लिया और सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर जेल से फरार हो गए। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कैदियों के भागने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। हालांकि, बाद में पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने सभी फरार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया।
फर्जी मेडिकल इमरजेंसी बनाकर बनाई भागने की योजना
जानकारी के मुताबिक, कैदियों ने जेल से बाहर निकलने के लिए पहले ऐसी स्थिति बनाई, जिससे जेल कर्मचारियों को लगे कि किसी कैदी को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है। इस कथित मेडिकल इमरजेंसी के दौरान कैदियों ने कर्मचारियों को अपने नियंत्रण में कर लिया। इसके बाद वे जेल से भागने में सफल रहे। इस घटना ने जेल के भीतर सुरक्षा इंतजामों, कर्मचारियों की सतर्कता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई। राहत की बात यह रही कि बाद में सभी 17 कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया। हालांकि, कैदियों के इस तरह भागने की घटना को प्रशासन ने सामान्य घटना नहीं माना और इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक के तौर पर देखा गया।
डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट एन. रामलिंगम निलंबित
घटना के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत थेनी जिले में तैनात डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। रामलिंगम 6 अगस्त 2024 से जिले में अपनी सेवाएं दे रहे थे। आदेश के मुताबिक, उन्हें आगे के निर्देश जारी होने तक निलंबित रखा जाएगा। जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल उठे हैं। सरकार ने इस मामले में लापरवाही की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निलंबन के साथ ही मामले की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कैदियों को भागने का मौका किन परिस्थितियों में मिला।
जेलर समेत 17 कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट के अलावा जेलर समेत 17 अन्य कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है। सरकार ने इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जेल में कैदियों की निगरानी, सुरक्षा प्रबंधन और ड्यूटी के दौरान सतर्कता बनाए रखना कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में कैदियों का एक साथ फरार होना गंभीर लापरवाही का मामला माना गया है।
राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
थेनी की घटना के बाद मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जेलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों की जांच की जाए। सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी नियमित निगरानी और जेल परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसके साथ ही जेल कर्मचारियों की ड्यूटी और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।



