Gardening Tips : अगर गमले में लगा हरी मिर्च का पौधा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसमें मिर्च नहीं आ रही, तो इसकी एक वजह सही समय पर पिंचिंग न करना हो सकती है। पिंचिंग में पौधे की ऊपर वाली कोमल बढ़त को हल्के हाथ से हटाया जाता है।
गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, करीब 8 इंच का होने पर सही तरीके से पिंचिंग करने से पौधा ऊपर की बजाय साइड में शाखाएं निकाल सकता है। इससे आगे चलकर फूल और फल आने की संभावना बढ़ सकती है।
8 इंच का पौधा होने पर करें पिंचिंग
हरी मिर्च के पौधे में बहुत छोटी उम्र में पिंचिंग नहीं करनी चाहिए। जब पौधा करीब 8 इंच का हो जाए और उसका तना थोड़ा मजबूत दिखाई देने लगे, तब ऊपर की ग्रोथ को पिंच किया जा सकता है। इसके लिए पौधे की सबसे ऊपर वाली नरम कली या नई बढ़त को उंगलियों से बहुत हल्के हाथ से तोड़ें। ध्यान रखें कि ज्यादा हिस्सा न काटें।अगर पौधा कमजोर है, तना पतला है या उसमें अभी कुछ ही पत्तियां हैं, तो पिंचिंग को कुछ समय के लिए टालना बेहतर है। पहले पौधे को मजबूत होने दें।
पिंचिंग से पौधे को क्या फायदा होता है?
पिंचिंग से पौधे की सीधी ऊपर की ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर साइड शूट्स की तरफ बढ़ सकती है। यानी पौधा सिर्फ एक लंबा तना बनाने के बजाय ज्यादा शाखाएं निकाल सकता है। इन्हीं शाखाओं पर आगे चलकर फूल और मिर्च लग सकती हैं। गमले में उगाई गई हरी मिर्च में समय पर पिंचिंग करने से पौधा ज्यादा घना और झाड़ीदार नजर आ सकता है। हालांकि सिर्फ पिंचिंग से ही ज्यादा मिर्च मिलने की गारंटी नहीं होती। अच्छी पैदावार के लिए धूप, पानी, पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना जरूरी है।
धूप की कमी न होने दें
हरी मिर्च के पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोज पर्याप्त धूप मिल सके। बहुत कम रोशनी में पौधा लंबा और कमजोर हो सकता है। वहीं फूल और फल कम बन सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि पौधे को दिन में कई घंटे सीधी धूप मिले।
मिट्टी सूखने पर ही दें पानी
मिर्च के पौधे को रोज जरूरत से ज्यादा पानी देना सही नहीं है। जब गमले की ऊपर की मिट्टी हल्की सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। गमले में पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। इसलिए गमले में ड्रेनेज होल होना जरूरी है।
फूल आने के बाद भी रखें ध्यान
पौधे पर फूल आने लगें तो उसे पर्याप्त रोशनी और पोषण मिलता रहे। समय-समय पर सूखे पत्ते और कमजोर हिस्से हटाते रहें। एक साथ बहुत ज्यादा खाद देने के बजाय जरूरत के हिसाब से जैविक खाद या उपयुक्त पोषण देना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए तथ्यों पर आधारित है। पौधे की ग्रोथ और फल आने का परिणाम उसकी देखभाल और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।



