Online Shopping Tips: ऑनलाइन शॉपिंग में 50% छूट, बाय वन गेट वन फ्री और लिमिटेड टाइम ऑफर जैसे मैसेज अक्सर लोगों को खरीदारी के लिए आकर्षित करते हैं। कई बार लोग सिर्फ एक प्रोडक्ट खरीदने के इरादे से शॉपिंग शुरू करते हैं,
लेकिन ऑफर देखकर कई चीजें ऑर्डर कर देते हैं। इनमें कुछ सामान ऐसा भी होता है, जिसकी वास्तव में जरूरत नहीं होती।
इसके पीछे कम कीमत का आकर्षण, ऑफर छूट जाने का डर और खरीदारी से मिलने वाली खुशी जैसे मनोवैज्ञानिक कारण काम कर सकते हैं।
डिस्काउंट देखकर बचत का एहसास क्यों होता है?
जब किसी प्रोडक्ट की कीमत कम दिखाई जाती है, तो हमारा ध्यान उसकी मूल कीमत के बजाय बचने वाली रकम पर चला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर 2,000 रुपये की कोई चीज 1,000 रुपये में मिल रही है, तो लगता है कि 1,000 रुपये की बचत हुई है। लेकिन अगर उस सामान की जरूरत ही नहीं थी, तो वास्तव में 1,000 रुपये खर्च हुए हैं। ऐसे में छूट को बचत समझना खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि केवल डिस्काउंट देखकर सामान खरीदने के बजाय यह देखना जरूरी है कि उसकी जरूरत है भी या नहीं।
लिमिटेड ऑफर छूट जाने का डर पैदा करते हैं
ऑफर सिर्फ आज के लिए और स्टॉक खत्म होने वाला है जैसे संदेश ग्राहकों को जल्दी फैसला लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्हें लगता है कि अगर अभी सामान नहीं खरीदा, तो बाद में वह महंगा मिल सकता है या ऑफर हाथ से निकल जाएगा। इस तरह के डर को फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) कहा जाता है। इसका मतलब है किसी मौके को खो देने की आशंका। इस स्थिति में व्यक्ति प्रोडक्ट की कीमत, गुणवत्ता और अपनी जरूरत पर ठीक से विचार किए बिना ऑर्डर कर सकता है।
मुफ्त सामान का ऑफर भी बढ़ा सकता है खर्च
बाय वन गेट वन फ्री जैसे ऑफर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। एक सामान के साथ दूसरा मुफ्त मिलने पर लगता है कि अतिरिक्त फायदा हो रहा है। लेकिन कई बार मुफ्त मिलने वाला प्रोडक्ट जरूरत का नहीं होता। फिर भी उसे छोड़ना नुकसान जैसा महसूस हो सकता है। ऐसे में ग्राहक उस ऑफर का फायदा उठाने के लिए सामान खरीद लेते हैं। नतीजा यह होता है कि कम खर्च करने की कोशिश में कुल खर्च बढ़ सकता है।
खरीदारी से मिलने वाली खुशी भी है वजह
अपनी पसंद का सामान खरीदने पर खुशी और उत्साह महसूस हो सकता है। जब वही प्रोडक्ट डिस्काउंट पर मिलता है, तो यह खुशी और बढ़ सकती है। व्यक्ति को लगता है कि उसने अच्छी डील हासिल की है। इस तरह खरीदारी का फैसला सिर्फ प्रोडक्ट की जरूरत पर निर्भर नहीं करता। कम कीमत मिलने का एहसास और खरीदारी से मिलने वाला उत्साह भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
गैरजरूरी ऑनलाइन शॉपिंग से कैसे बचें?
डिस्काउंट देखकर खरीदारी करना गलत नहीं है, लेकिन हर ऑफर फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं। कुछ आसान आदतें अपनाकर गैरजरूरी खरीदारी पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
- खरीदारी की लिस्ट बनाएं: ऑनलाइन शॉपिंग शुरू करने से पहले तय करें कि किन चीजों की जरूरत है। लिस्ट से बाहर का सामान खरीदने से पहले दोबारा सोचें।
- तुरंत ऑर्डर करने से बचें: कोई प्रोडक्ट पसंद आए, तो उसे कुछ समय के लिए कार्ट में छोड़ दें। बाद में विचार करें कि उसकी जरूरत है या नहीं।
- असल कीमत की तुलना करें: सिर्फ डिस्काउंट का प्रतिशत देखकर फैसला न लें। दूसरे प्लेटफॉर्म पर कीमत और प्रोडक्ट की गुणवत्ता भी जांचें।
- बजट तय करें: खरीदारी शुरू करने से पहले खर्च की सीमा निर्धारित करें। कोशिश करें कि खरीदारी उसी बजट में पूरी हो।
- खुद से एक सवाल पूछें: क्या आप इस प्रोडक्ट को तब भी खरीदते, अगर उस पर कोई छूट नहीं मिल रही होती? अगर जवाब नहीं है, तो ऑर्डर करने से पहले फिर सोचें।
डिस्क्लेमर: यह लेख ऑनलाइन शॉपिंग और उपभोक्ता व्यवहार से जुड़ी सामान्य जानकारी पर आधारित है। खरीदारी का निर्णय अपनी जरूरत, बजट और प्रोडक्ट की कीमत व गुणवत्ता को ध्यान में रखकर लें।



