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Super Typhoon Nolo Threat: इंटरनेशनल डेट लाइन पार करते ही विकराल हुआ तूफान नोलो, जानिए कहां मंडराया खतरा

Super Typhoon Nolo Threat: प्रशांत महासागर में सक्रिय चक्रवाती तूफान नोलो को लेकर अगले 48 घंटे अहम बताए जा रहे हैं। तूफान इस वीकेंड इंटरनेशनल डेट लाइन पार कर सेंट्रल पैसिफिक बेसिन से वेस्टर्न पैसिफिक बेसिन में प्रवेश करने वाला है। इस दौरान इसकी हवाओं की रफ्तार 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका […]

Cyclone Nolo Alert Super Typhoon 241 kmph Speed Pacific Ocean Threat
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Super Typhoon Nolo Threat: प्रशांत महासागर में सक्रिय चक्रवाती तूफान नोलो को लेकर अगले 48 घंटे अहम बताए जा रहे हैं। तूफान इस वीकेंड इंटरनेशनल डेट लाइन पार कर सेंट्रल पैसिफिक बेसिन से वेस्टर्न पैसिफिक बेसिन में प्रवेश करने वाला है। इस दौरान इसकी हवाओं की रफ्तार 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

डेट लाइन पार करने के बाद इसका वर्गीकरण ‘टाइफून’ और रफ्तार बढ़ने पर सुपर टाइफून के तौर पर हो सकता है।

क्या है तूफान नोलो का गणित?

नोलो फिलहाल प्रशांत महासागर के ऊपर सक्रिय है। इसके रास्ते और ताकत पर अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों की नजर है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर इसके हर मूवमेंट पर निगरानी रख रहे हैं। इंटरनेशनल डेट लाइन पार करने के बाद तूफान का भौगोलिक बेसिन बदल जाएगा। इसके साथ इसका टैग भी बदल सकता है। वेस्टर्न पैसिफिक में पहुंचने पर इसे ‘टाइफून’ कहा जाएगा। हवाओं की रफ्तार बढ़ने पर यह ‘सुपर टाइफून’ की श्रेणी में आ सकता है।

नोलो कहां मचा सकता है तबाही?

मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और तूफान के रास्ते के मुताबिक, ऐसे शक्तिशाली चक्रवात प्रशांत महासागर के द्वीपों के साथ पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया के तटीय इलाकों के लिए खतरा बन सकते हैं। हालांकि इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान किस दिशा में जाता है और लैंडफॉल करता है या नहीं।

241 किमी/घंटे की हवा से कितना नुकसान?

अगर नोलो सुपर टाइफून का रूप लेता है, तो तेज हवाएं तटीय इलाकों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कमजोर मकान, शेड और अस्थाई निर्माण तेज हवाओं की चपेट में आ सकते हैं। बिजली के खंभे और मोबाइल नेटवर्क टावर गिरने से बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पेड़ उखड़कर सड़कों और रेल पटरियों पर गिर सकते हैं। इससे संपर्क और राहत-बचाव अभियान प्रभावित होने की आशंका रहेगी।

समुद्र में उठ सकती है पानी की दीवार

तूफान का खतरा सिर्फ तेज हवाओं तक सीमित नहीं होता। शक्तिशाली टाइफून के दौरान समुद्र का पानी तेज हवाओं के कारण तट की ओर धकेला जाता है। इसे ‘स्टॉर्म सर्ज’ कहा जाता है। ऐसी स्थिति में समुद्री पानी तटीय बस्तियों, रिसॉर्ट्स और बंदरगाहों में घुस सकता है। इससे जलभराव और तटीय कटाव का खतरा बढ़ता है। हाल ही में हवाई का 550 साल पुराना ‘होलेई सी आर्क’ तटीय कटाव के कारण समुद्र में ढह गया था।

भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

नोलो के साथ घने बादल और भारी बारिश भी आ सकती है। तटीय और मैदानी इलाकों में भारी बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पहाड़ी या ढलान वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश से भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। इससे सड़कें और बस्तियां प्रभावित हो सकती हैं।

क्या नोलो सच में मचाएगा भारी तबाही?

इसका जवाब मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करेगा। पहली है लैंडफॉल और दूसरी तूफान की कैटेगरी। अगर ‘नोलो’ खुले समुद्र में ही रहता है और जापान, फिलीपींस या प्रशांत महासागर के किसी घनी आबादी वाले द्वीप या तटीय क्षेत्र से सीधे नहीं टकराता, तो इसका असर सीमित रह सकता है। लेकिन अगर तूफान पूरी ताकत के साथ किसी बड़े शहर या तटीय आबादी से टकराता है, तो नुकसान काफी बढ़ सकता है। तूफान की श्रेणी भी अहम होगी। कैटेगरी 1 से 2 में पेड़ टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसे नुकसान हो सकते हैं। वहीं कैटेगरी 4 से 5 में इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को गंभीर नुकसान का खतरा रहता है।

अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?

अब नजर इस बात पर है कि नोलो अगले 48 घंटों में किस दिशा में जाता है और इसकी हवाओं की रफ्तार कितनी बढ़ती है। अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियां इसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तूफान की दिशा और लैंडफॉल से जुड़ी जानकारी अहम होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. तूफान ‘नोलो’ वर्तमान में किस महासागर में सक्रिय है?

उत्तर: तूफान ‘नोलो’ वर्तमान में प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के ऊपर सक्रिय है।

Q2. इंटरनेशनल डेट लाइन पार करने के बाद तूफान नोलो को क्या कहा जाएगा?

उत्तर: इंटरनेशनल डेट लाइन पार करके वेस्टर्न पैसिफिक बेसिन में प्रवेश करते ही इसे ‘टाइफून’ या हवाओं की गति के आधार पर ‘सुपर टाइफून’ की श्रेणी में रखा जाएगा।

Q3. तूफान नोलो की अधिकतम हवा की रफ्तार कितनी हो सकती है?

उत्तर: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तूफान ‘नोलो’ 241 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार पकड़ सकता है।

Q4. इस चक्रवात से मुख्य रूप से किन क्षेत्रों को खतरा है?

उत्तर: इस चक्रवात से प्रशांत महासागर के द्वीपों के साथ-साथ पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के तटीय इलाकों को खतरा है।

Q5. तूफान के कारण तटीय इलाकों में कौन-सी मुख्य आपदाएं आ सकती हैं?

उत्तर: तूफान के कारण 10 से 20 फीट ऊंची समुद्री लहरें (स्टॉर्म सर्ज), तेज हवाओं से ब्लैकआउट, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और पहाड़ों पर भूस्खलन हो सकता है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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