DUSU Elections: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव 2026 का माहौल अपने चरम पर पहुंच गया है। चुनावी मैदान में उतरे सभी छात्र संगठनों और प्रत्याशियों के लिए प्रचार का आज आखिरी दिन है। वोटरों तक सीधे पहुंचने के लिए उम्मीदवारों ने आज अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
इसके बाद कल ‘नो कैंपेनिंग डे’ रहेगा, जिसके चलते उम्मीदवार प्रत्यक्ष रूप से रैलियां या जनसंपर्क नहीं कर सकेंगे। ऐसे में प्रचार थमने के बाद अब सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और उन्हें रिझाने पर पूरा जोर रहेगा।
प्रचार का आखिरी दिन और तेज हुई सरगर्मी
डूसू चुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन होने के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों में राजनीतिक हलचल सबसे तेज है। प्रत्याशी अंतिम समय में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
कॉलेजों की सोसाइटियों और कक्षाओं में जनसंपर्क
उम्मीदवारों और उनके समर्थक छात्र संगठनों ने विभिन्न कॉलेजों की एक्स्ट्रा करिकुलर सोसाइटियों, कक्षाओं और परिसरों का दौरा किया है। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुनकर उन्हें हल करने का भरोसा दिलाया और अपने पैनल के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
बृहस्पतिवार को रहेगा ‘नो कैंपेनिंग डे’
बुधवार शाम को आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्त होने के बाद, बृहस्पतिवार का दिन ‘नो कैंपेनिंग डे’ के रूप में रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह का लाउडस्पीकर या सार्वजनिक प्रचार प्रतिबंधित रहेगा, ताकि मतदाता शांति से अपने फैसले पर विचार कर सकें।
सोशल मीडिया पर बढ़ेगा चुनावी मुकाबला
प्रत्यक्ष प्रचार थमने के बाद प्रत्याशियों का मुख्य फोकस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आ जाएगा। इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप के जरिए छात्र मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की अंतिम अपील की जाएगी।
विभिन्न संगठनों द्वारा हॉस्टल और पीजी में संपर्क
एबीवीपी, एनएसयूआई, आइसा और एएसएपी जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवार कॉलेज परिसरों के अलावा हॉस्टलों और प्राइवेट पीजी में रहने वाले छात्रों से भी संपर्क साध रहे हैं। बाहर से आए छात्रों के वोटों को साधने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
- डूसू चुनाव प्रचार का आखिरी दिन बुधवार को है।
- प्रचार समाप्त होने के बाद अगला दिन ‘नो कैंपेनिंग डे’ के रूप में रहेगा।
- प्रत्यक्ष प्रचार थमने के बाद उम्मीदवार सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाएंगे।
- डूसू चुनाव में एबीवीपी, एनएसयूआई, आइसा और आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एएसएपी मुख्य रूप से शामिल हैं।
- उम्मीदवार कॉलेज परिसरों, कक्षाओं, एक्स्ट्रा करिकुलर सोसाइटियों के साथ-साथ हॉस्टल और पीजी में रहने वाले छात्रों से संपर्क साध रहे हैं।



