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Global Cities Index 2026: दुनिया के 100 सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में भारत का बजा डंका, जानिए किस नंबर पर हैं दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु

India's fastest-growing cities in the Oxford Economics Global Cities Index
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Global Cities Index 2026: भारत के शहर तेजी से बढ़ती शहरी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहे हैं। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के 2026 ग्लोबल सिटीज इंडेक्स के मुताबिक, भारत के 55 शहर दुनिया के 100 सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहरों में शामिल हैं। भारत के 23 शहर दुनिया के टॉप 50 शहरों में भी जगह बनाने में सफल रहे हैं। हालांकि, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और आय में असमानता अब भी भारतीय शहरों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इंडेक्स में दुनिया के 1,000 बड़े शहरों को पांच श्रेणियों के आधार पर आंका गया है। इनमें अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और शासन शामिल हैं।

न्यूयॉर्क पहले, लंदन दूसरे स्थान पर

2026 ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में न्यूयॉर्क पहले स्थान पर रहा। इसके बाद लंदन और पेरिस का स्थान है। सिएटल चौथे, सैन फ्रांसिस्को पांचवें, डबलिन छठे, बोस्टन सातवें, सैन जोस आठवें और टोक्यो नौवें स्थान पर रहे। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के मुताबिक, दुनिया के बड़े शहरों में आर्थिक गतिविधियों का केंद्र धीरे-धीरे एशिया की ओर भी बढ़ रहा है। भारत और चीन के शहरों में उत्पादकता और आय में बढ़ोतरी की संभावनाएं इस बदलाव की अहम वजह हैं।

दिल्ली भारत में सबसे आगे

दिल्ली भारत में सबसे ऊंची रैंकिंग वाला शहर रहा। उसे वैश्विक स्तर पर 268वां स्थान मिला। दिल्ली का मजबूत पक्ष मानव पूंजी है। इस श्रेणी में दिल्ली दुनिया में 13वें स्थान पर रही। दिल्ली फिलहाल दुनिया की 63वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था है। रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, 2050 तक दिल्ली दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था बन सकती है। उस समय इसका आर्थिक उत्पादन 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो सकता है। रिपोर्ट में दिल्ली की प्रतिभा और बड़ी कंपनियों के आधार को इसकी ताकत बताया गया है। वहीं खराब हवा और आय में असमानता को बड़ी चुनौती माना गया है।

बेंगलुरु की रैंकिंग में 20 स्थान का सुधार

बेंगलुरु को इस साल ‘सिटी टू वॉच’ में शामिल किया गया है। इसकी वैश्विक रैंकिंग 20 स्थान सुधरकर 311 हो गई। भारत के छह सबसे बड़े महानगरों में बेंगलुरु की रैंकिंग में सबसे ज्यादा सुधार हुआ। 2026 से 2030 के बीच बेंगलुरु के वास्तविक आर्थिक उत्पादन में हर साल औसतन 9.2% वृद्धि का अनुमान है। शहर टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में बड़ी संख्या में कॉलेज और कुशल युवा प्रतिभाएं हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने में मदद मिल रही है।

कॉरपोरेट मुख्यालयों में मुंबई आगे

मुंबई की वैश्विक रैंकिंग 330 रही। कॉरपोरेट मुख्यालयों के मामले में मुंबई भारत का सबसे मजबूत शहर रहा। इस श्रेणी में उसे दुनिया में 23वां स्थान मिला। मुंबई फिलहाल दुनिया की 99वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था है। अनुमान है कि 2050 तक यह दुनिया की 36वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था बन सकती है। चेन्नई 381वें, हैदराबाद 421वें और पुणे 427वें स्थान पर रहे। अनुमानित जीडीपी वृद्धि के मामले में हैदराबाद दुनिया में 15वें और चेन्नई 16वें स्थान पर रहे।

छोटे शहरों ने भी दिखाई रफ्तार

भारत की शहरी आर्थिक वृद्धि केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। अमरावती विकास के मामले में दुनिया में सातवें स्थान पर रहा। सूरत 11वें और तिरुचिरापल्ली 13वें स्थान पर रहे। कई शहरों की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार दर्ज हुआ। रांची 74 स्थान, प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आए। इससे पता चलता है कि भारत में शहरी विकास का दायरा बड़े आर्थिक केंद्रों से आगे बढ़ रहा है। छोटे और उभरते शहर भी विकास की दौड़ में तेजी से आगे आ रहे हैं।

जीवन की गुणवत्ता अब भी चुनौती

आर्थिक वृद्धि के बावजूद भारतीय शहरों की जीवन गुणवत्ता कमजोर बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडेक्स में शामिल 1,000 शहरों में भारतीय शहरों की औसत रैंक जीवन की गुणवत्ता के मामले में 850 रही। दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में दिल्ली का एयर क्वालिटी स्कोर दूसरे सबसे खराब स्तर पर रहा। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के मुताबिक, खराब हवा, आय में असमानता और शिक्षा का स्तर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां भारतीय शहरों को एशिया के दूसरे शहरों से पीछे रहना पड़ रहा है।

5 FAQs (प्रश्न और उत्तर):

प्रश्न: 2026 ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में दुनिया का कौन सा शहर पहले स्थान पर रहा?

उत्तर: इस इंडेक्स में अमेरिका का न्यूयॉर्क शहर दुनिया में पहले स्थान पर रहा।

प्रश्न: भारत का कौन सा शहर इंडेक्स में सबसे शीर्ष स्थान पर है?

उत्तर: दिल्ली 268वीं वैश्विक रैंकिंग के साथ भारत में सबसे शीर्ष स्थान पर है।

प्रश्न: ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार 2050 तक दिल्ली की अर्थव्यवस्था का क्या अनुमान है?

उत्तर: 2050 तक दिल्ली 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के उत्पादन के साथ दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था बन सकती है।

प्रश्न: बेंगलुरु को इस रिपोर्ट में क्या खास पहचान मिली है?

उत्तर: बेंगलुरु को ‘सिटी टू वॉच’ चुना गया है और इसकी वैश्विक रैंकिंग 20 स्थान सुधरकर 311 हो गई है।

प्रश्न: भारतीय शहरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या बताई गई है?

उत्तर: जीवन की गुणवत्ता, खराब हवा, शिक्षा का स्तर और आय में असमानता भारतीय शहरों की मुख्य चुनौतियां हैं।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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