L Murugan Resignation: SIR को लेकर जारी विपक्षी दलों के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी मंत्री पद की जिम्मेदारियों से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगी है।
पत्र में उन्होंने तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए अधिक समय देने की इच्छा जताई है। हालांकि, पत्र में इस्तीफे के अनुरोध की वजह के रूप में विपक्ष के विरोध का उल्लेख नहीं है। मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर, केंद्र सरकार में मिली जिम्मेदारियों और प्रधानमंत्री के हालिया तमिलनाडु दौरे का जिक्र किया है।
पीएम मोदी के दौरे का पत्र में उल्लेख
एल. मुरुगन ने अपने पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे के दौरान अलग-अलग जगहों पर लोगों का उत्साह और उनके प्रति स्नेह देखकर वह प्रभावित हुए। उनके मुताबिक, लोगों की प्रतिक्रिया राज्य के बेहतर भविष्य की उम्मीद को दर्शाती है। मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि तमिलनाडु के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता और लोगों का उनके प्रति लगाव देखकर राज्य, पार्टी और देश के लिए अधिक काम करने का उनका संकल्प मजबूत हुआ है।
दिहाड़ी मजदूर के परिवार से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
पत्र में मुरुगन ने अपने परिवार और राजनीतिक जीवन के बारे में भी बताया। उन्होंने लिखा कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि बेहद गरीब परिवार में पले-बढ़े हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर और पशुपालक के रूप में काम करते रहे हैं। पत्र के मुताबिक, उनका परिवार तमिलनाडु के कोनूर गांव में आज भी सादा जीवन जीता है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और BJP में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर मिलने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला।
राज्यसभा और कई मंत्रालयों में निभाईं जिम्मेदारियां
एल. मुरुगन ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल और दो बार राज्यसभा सदस्य बनने का जिक्र किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने के अवसर को भी अपने पत्र में शामिल किया। उनके अनुसार, सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े मंत्रालयों में जिम्मेदारी निभाने से उन्हें देश और आम लोगों की जरूरतों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने उन्हें समय-समय पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया।
तमिलनाडु में BJP को मजबूत करना चाहते हैं मुरुगन
मुरुगन ने प्रधानमंत्री के साथ मंत्रिपरिषद में बिताए पांच वर्षों को याद करते हुए उनके धैर्य, करुणा और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने तमिल कवि तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं का हवाला देते हुए न्यायपूर्ण शासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता को अच्छे नेतृत्व की पहचान बताया। पत्र में मुरुगन ने कहा कि पार्टी और प्रधानमंत्री के नेतृत्व से उन्हें जो अवसर मिले, उनसे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने अपनी सार्वजनिक जीवन की शुरुआत और तमिलनाडु के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए राज्य में पार्टी के लिए अधिक समय देने की इच्छा जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दी जाए, ताकि वह तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय दे सकें।



