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Garba Events: गरबा पर वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम युवाओं के लिए जारी किए निर्देश, तो बजरंग दल ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाई रोक की मांग

Garba Events: छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर राजनीति और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस साल गरबा पंडालों में प्रवेश, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से सख्त निर्देश और अपीलें सामने आ रही हैं। खास तौर पर वक्फ बोर्ड और […]

गरबा पंडाल
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Garba Events: छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर राजनीति और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस साल गरबा पंडालों में प्रवेश, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से सख्त निर्देश और अपीलें सामने आ रही हैं।

खास तौर पर वक्फ बोर्ड और बजरंग दल के बयानों और दिशा-निर्देशों के बाद यह मुद्दा राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है, जिससे आयोजनों की व्यवस्था पर भी असर पड़ता नजर आ रहा है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज की मुस्लिम युवाओं से अपील

इस पूरे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं के लिए एक विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि गरबा मुख्य रूप से आस्था और धर्म से जुड़ा आयोजन है, जबकि इस्लाम में मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मुस्लिम समाज की इसमें धार्मिक आस्था नहीं है और वे मूर्ति पूजा व अन्य अनुष्ठानों में शामिल नहीं हो सकते, तो उन्हें गरबा पंडालों में जाने की आवश्यकता ही नहीं है।

‘नियमों का पालन करें और नाम बदलकर जाने से बचें’

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद कोई मुस्लिम युवा गरबा में शामिल होना चाहता है, तो उसे समिति से अनुमति लेनी होगी। साथ ही, उन्हें सही नाम से प्रवेश करना होगा, माथे पर तिलक लगाना होगा, कलावा बांधना होगा और पंडाल के सभी धार्मिक नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नाम बदलकर गरबा में प्रवेश करने और युवतियों को बहकाने जैसी घटनाओं से समाज की छवि खराब होती है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

बजरंग दल ने आयोजकों के सामने रखी कड़ी शर्तें

दूसरी ओर, दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल ने भी गरबा आयोजनों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। रायपुर के जिला संयोजक भूषण साहू ने आयोजकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि गरबा कोई कमर्शियल इवेंट या केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र धार्मिक आयोजन है। संगठन ने मांग की है कि इन आयोजनों की पवित्रता और धार्मिक मर्यादा को हर हाल में बरकरार रखा जाना चाहिए, अन्यथा बजरंग दल इसका कड़ा विरोध करेगा।

गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश

बजरंग दल ने गरबा पंडालों में सुरक्षा, व्यवस्था और धार्मिक शुचिता को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए 14 बिंदुओं के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें पंडालों के भीतर पहचान पत्र की अनिवार्य जांच, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग से मार्ग और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

पंडालों में सुरक्षा, अश्लील गानों पर रोक और प्रशासन की भूमिका

संगठन ने आयोजकों को यह भी निर्देश देने की मांग की है कि गरबा परिसरों में किसी भी प्रकार के अश्लील गानों, फूहड़ नृत्यों या आपत्तिजनक नारों पर सख्त रोक लगाई जाए। इसके अलावा, किसी भी विवाद या छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजक या भीड़ खुद कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचित करें। साथ ही, आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम, आपातकालीन निकास और प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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