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Police Constable Arreste: पुलिस विभाग में 1.18 करोड़ का वेतन घोटाला, कॉन्स्टेबल गिरफ्तार

Police Constable Arreste: पुलिस विभाग में 1.18 करोड़ का वेतन घोटाला, कॉन्स्टेबल गिरफ्तार
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 1 करोड़ 18 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
  • आरोप है कि चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पदस्थ एक कॉन्स्टेबल ने सरकारी रकम अपनी मां के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी।
  • मामले में माना थाना पुलिस ने आरक्षक कमलेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है।
  • पुलिस के मुताबिक, यह गड़बड़ी 1 नवंबर 2012 से 1 अप्रैल 2017 के बीच हुई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 1 करोड़ 18 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पदस्थ एक कॉन्स्टेबल ने सरकारी रकम अपनी मां के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी। मामले में माना थाना पुलिस ने आरक्षक कमलेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, यह गड़बड़ी 1 नवंबर 2012 से 1 अप्रैल 2017 के बीच हुई। इस दौरान कमलेश कुमार साहू चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पोस्टेड था। आरोप है कि उसने अपने पद का फायदा उठाकर वेतन शाखा से 1 करोड़ 18 लाख रुपए अपनी मां के बैंक खाते में जमा करा दिए।

5 साल तक खाते में भेजता रहा रकम

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर यह रकम खाते में ट्रांसफर की। मामले का खुलासा होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई। इसके आधार पर माना थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

वेतन शाखा के दूसरे कर्मचारी भी जांच के दायरे में

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वेतन शाखा की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी रकम कैसे ट्रांसफर की गई। इसके लिए किन दस्तावेजों और प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गड़बड़ी में वेतन शाखा के किसी दूसरे कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं थी। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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