Protest by D.Ed. candidates: 321 दिन। 10 महीने। 2300 पद। और एक ही मांग – नियुक्ति की निश्चित तारीख। थक चुके हैं, टूट चुके हैं, लेकिन हार नहीं मानी है। यही वजह है कि गुरुवार सुबह-सुबह छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थी अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ सीधे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नवा रायपुर स्थित बंगले पर जा बैठे।
अब ये आंदोलन सिर्फ अभ्यर्थियों का नहीं रहा। इस बार साथ में वो मां-बाप भी हैं, जिन्होंने खेत बेचकर, कर्ज लेकर बच्चों को डीएड कराया था। जो सोचते थे कि बेटा-बेटी शिक्षक बनेंगे तो घर की गरीबी दूर होगी। आज वही मां-बाप अपने बच्चों के साथ बंगले के बाहर जमीन पर बैठे हैं।
बंगले पर क्या हुआ?
अभ्यर्थी जैसे ही बंगला परिसर में घेराव पर बैठे, ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी उन्हें समझाने लगे कि यहां से उठकर धरना स्थल पर चले जाएं। लेकिन अभ्यर्थी नहीं उठे।
डीएड अभ्यर्थी मुरली चंद्रवंशी और भूपेंद्र ने साफ कहा – हम लड़ने नहीं, फरियाद लगाने आए हैं। मंत्री जी से मिलकर सिर्फ इतना पूछना है कि हमारी नियुक्ति कब होगी? जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक हम बंगले से नहीं उठेंगे।
10 महीने से तूता में चल रहा है आमरण अनशन
ये कोई एक दिन का गुस्सा नहीं है। पिछले 10 महीने से डीएड अभ्यर्थी तूता धरना स्थल, नवा रायपुर में आमरण अनशन पर बैठे हैं।
321 दिनों से धूप, बारिश, ठंड में धरना चल रहा है। कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी, कई अस्पताल पहुंचे, कईयों की उम्र निकलती जा रही है। घर में मां-बाप की उम्मीदें टूट रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक सिर्फ आश्वासन मिला है, तारीख नहीं।
क्यों नाराज हैं डीएड अभ्यर्थी?
मांग सीधी है – 2300 पदों पर सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे योग्य हैं, डीएड किया है, परीक्षा और प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इसके बाद भी नियुक्ति अटकी हुई है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, बच्चे पढ़ाई के लिए तरस रहे हैं, फिर भी नियुक्ति नहीं हो रही।
मां-बाप बोले – अब और इंतजार नहीं
घेराव में शामिल एक बुजुर्ग पिता ने कहा – बेटे को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया था। अब लोग पूछते हैं, बेटे का कब नौकरी लगेगा? क्या जवाब दें?
एक मां ने कहा – 10 महीने से बेटा धरने पर है। घर में खाने के लाले हैं। सरकार एक तारीख तो बता दे, हम उसी उम्मीद में जी लेंगे।
अब आगे क्या?
अभ्यर्थियों ने दो टूक कह दिया है – अब धरना स्थल से बंगले तक आ गए हैं। अगर इस बार भी सिर्फ आश्वासन मिला तो आंदोलन और तेज होगा।
फिलहाल सबकी नजर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पर है कि क्या वे अभ्यर्थियों से मिलकर नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करेंगे, या फिर ये आंदोलन 322वें दिन भी ऐसे ही चलता रहेगा।
FAQ: डीएड अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
Q1. डीएड अभ्यर्थी क्यों आंदोलन कर रहे हैं?
2300 पदों पर सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर।
Q2. आंदोलन कितने दिनों से चल रहा है?
पिछले 321 दिनों से, यानी करीब 10 महीने से तूता धरना स्थल नवा रायपुर में।
Q3. गुरुवार को अभ्यर्थियों ने क्या किया?
अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नवा रायपुर स्थित बंगले का घेराव कर बैठ गए।
Q4. अभ्यर्थियों की मुख्य मांग क्या है?
> सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करे। जब तक तारीख नहीं मिलेगी, वे बंगले से नहीं उठेंगे।
Q5. पुलिस ने क्या कहा?
बंगले पर तैनात पुलिस ने अभ्यर्थियों से धरना स्थल पर जाने को कहा, लेकिन अभ्यर्थी घेराव पर ही डटे रहे।



