Chhattisgarh Land Use Rules: छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि उपयोग से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने वाले है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रारूप जारी किया है। प्रस्तावित संशोधन में अलग-अलग भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों की विस्तृत सूची निर्धारित की गई है। सरकार के इस प्रस्ताव का असर आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद तथा कृषि भूमि के उपयोग पर पड़ सकता है।
अधिसूचना में कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधन से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों की जानकारी के लिए इसे प्रकाशित किया गया है। साथ ही आम लोगों से प्रस्ताव पर आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। अधिसूचना के अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
क्या है प्रस्तावित बदलाव?
प्रस्तावित संशोधन में नियम 38 के उप-नियम (1) को बदलने का प्रस्ताव है। नए प्रावधान के अनुसार अलग-अलग भूमि उपयोग श्रेणियों में गतिविधियों को सामान्य रूप से अनुमत माना जाएगा, जब तक कि संबंधित भूमि उपयोग के लिए निर्धारित प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची में उन्हें शामिल नहीं किया गया हो। इसके लिए सात प्रमुख भूमि उपयोग श्रेणियों की सूची तैयार की गई है। सरल शब्दों में कहें तो प्रस्तावित व्यवस्था में यह देखा जाएगा कि किसी विशेष भूमि उपयोग में कौन सी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। संबंधित श्रेणी की प्रतिबंधित सूची में शामिल गतिविधियों को उस भूमि उपयोग में सामान्य रूप से अनुमत नहीं माना जाएगा।
आवासीय भूमि पर इन गतिविधियों पर रोक
प्रस्तावित नियमों में आवासीय भूमि के लिए कई गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। इनमें हरी, नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, गोदाम, बूचड़खाने, कबाड़खाने, संक्रामक रोगों के अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल और थोक व्यापार शामिल हैं। इसके अलावा तेल डिपो, पेट्रोलियम और ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन, मछली पालन, दूध उत्पादन, मुर्गी पालन, श्मशान या कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियां तथा खनन गतिविधियां भी आवासीय भूमि की प्रतिबंधित सूची में रखी गई हैं।
वाणिज्यिक भूमि में रहेगा प्रतिबंधित ?
वाणिज्यिक भूमि के लिए भी प्रतिबंधित गतिविधियों की अलग सूची प्रस्तावित की गई है। इसमें नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योगों को शामिल किया गया है। इसके अलावा खतरनाक या विषैले रसायनों का भंडारण, विस्फोटक पदार्थों का भंडारण, पशुपालन, मछली पालन, दूध उत्पादन, मुर्गी पालन, श्मशान एवं कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियां तथा खनन को भी वाणिज्यिक भूमि के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों में रखा गया है।
औद्योगिक भूमि में आवासीय टाउनशिप पर प्रस्तावित प्रतिबंध
औद्योगिक भूमि के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। प्रारूप के अनुसार पूरी तरह आवासीय टाउनशिप को औद्योगिक भूमि में प्रतिबंधित किया जाएगा। हालांकि स्वीकृत कर्मचारी आवास, छात्रावास और शयनागार को इस प्रावधान में अपवाद दिया गया है। औद्योगिक भूमि पर विद्यालय, संक्रामक रोगों का अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन, डेयरी और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को भी प्रतिबंधित सूची में रखा गया है।
परिवहन भूमि पर आवासीय बस्ती और खनन प्रतिबंधित
परिवहन भूमि के लिए प्रस्तावित नियमों में आवासीय बस्तियों को प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही खतरनाक रसायनों का भंडारण, असंगत वाणिज्यिक गतिविधियां तथा नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योगों को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है। खनन, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी उत्पादन, मुर्गी पालन तथा श्मशान या कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियों को भी परिवहन भूमि के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
मनोरंजन भूमि में सभी उद्योगों पर प्रस्तावित रोक
आमोद-प्रमोद या मनोरंजन के लिए निर्धारित भूमि के मामले में प्रस्तावित सूची विशेष रूप से व्यापक है। इसमें आवासीय कॉलोनियों के साथ सभी प्रकार के उद्योगों को प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल किया गया है। इसके अलावा वाणिज्यिक परिसर, गोदाम, प्रदूषणकारी वाणिज्यिक गतिविधियां, खनन, खतरनाक पदार्थों का भंडारण, असंबंधित वाणिज्यिक उपयोग, थोक बाजार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन, मुर्गी पालन, डेयरी उत्पादन तथा श्मशान या कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियों को भी प्रतिबंधित किया गया है।



