Fraud committed the names of deceased: जिले के सरायपाली ब्लॉक में किसानों के नाम पर फर्जी लोन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति केना में 2023-24 में किसानों के खेत का रकबा कागजों में बढ़ाकर और उनकी बिना मर्जी के 1 करोड़ 77 लाख रुपये का KCC लोन निकाल लिया गया। इसमें तो हद तब हो गई जब जांच में पता चला कि कई ऐसे किसानों के नाम पर भी लोन लिया गया जो सालों पहले मर चुके हैं।
मामले के तूल पकड़ने पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने 3 अफसरों की टीम से जांच कराई। जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पक्का होने के बाद अब बड़ी कार्रवाई हुई है।
जांच में क्या निकला ?
किसानों को पता तक नहीं था कि उनके नाम पर लाखों का लोन सैंक्शन हो गया है और पैसा निकाल भी लिया गया है। कुछ किसानों की जमीन दूसरे समिति क्षेत्र की थी, उनके नाम पर भी केना समिति से लोन दिखा दिया गया। बैंक और समिति के लोगों ने मिलकर पूरा खेल किया।
इन 5 पर केस दर्ज
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के CEO के आदेश पर नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने सरायपाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 5 लोगों पर धारा 120B, 409, 420, 467, 468, 471 के तहत FIR की है —
- श्याम सुंदर पटेल – तत्कालीन सुपरवाइजर, तोरेसिंहा ब्रांच
- राजकुमार प्रधान – वर्तमान सुपरवाइजर
- युवराज नायक – मैनेजर
- हीरा सिंह ध्रुव – कनिष्ठ लिपिक
- खिलेश्वर साहू – प्रभारी लेखापाल
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. मामला क्या है?
— सरायपाली केना समिति में 2023-24 में रकबा कूटरचना कर बिना सहमति 1.77 करोड़ का फर्जी KCC लोन।
Q2. मृत किसानों के नाम कैसे?
— मृत किसान और दूसरे समिति क्षेत्र के लोगों के नाम पर लोन निकाला गया।
Q3. जांच किसने की?
— कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा गठित 3 सदस्यीय टीम ने।
Q4. FIR किस पर हुई?
— मैनेजर युवराज नायक, सुपरवाइजर श्याम सुंदर पटेल, राजकुमार प्रधान, लिपिक हीरा सिंह ध्रुव, लेखापाल खिलेश्वर साहू।
Q5. धाराएं कौन सी लगीं?
— 120B, 409, 420, 467, 468, 471।



