रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर आंचलिक कार्यालय ने DMF निधि गबन मामले में धरमपाल सिंह छाबड़ा के पुत्र सतपाल सिंह CHHABDA को PMLA 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के बाद एजेंसी ने कुछ बड़े खुलासे किए हैं।
खनन परियोजना से सरकार को मिलने वाली डीएमएफ की रकम का सत्ताधीशों, अफसरों और व्यापारियों द्वारा किस तरह दोहन किया गया, उसकी परतें धीरे–धीरे खुलती जा रही हैं। इस घोटाले को लेकर ईडी ने सतपाल सिंह छाबड़ा की गिरफ्तारी करते हुए उससे पूछताछ की है।
9188.20 करोड़ में से बड़ा हिस्सा डायवर्ट, बीज निगम बना जरिया
ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस की FIR के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए गठित DMF ट्रस्टों का लोक सेवकों, लायजनरों और विक्रेताओं के संगठित सिंडिकेट ने दुरुपयोग किया।
वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के दौरान जिलों को DMFT के तहत लगभग 9,188.20 करोड़ मिले, जिसमें से एक बड़े हिस्से को निर्धारित उद्देश्य से हटाकर सप्लाई-बेस्ड कार्यों को प्राथमिकता दी गई जहां कीमत बढ़ाकर दिखाने और कमीशन की गुंजाइश ज्यादा थी। बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (बीज निगम) के जरिए भेजा गया।
ठेका फर्मों से लिया बड़ा कमीशन
डीएमएफ से जुड़े जिलों के अफसरों के दलालों ने रेट कॉन्ट्रैक्ट होल्डर संस्थाओं के पक्ष में जारी खरीद आदेशों के आधार मूल्य पर 25% से 50% तक कमीशन वसूला। इस कमीशन का बड़ा हिस्सा कार्य आदेश और भुगतान के लिए लोक सेवकों व प्रभावशाली लोगों को दिया गया।
सतपाल छाबड़ा — सिंडिकेट का प्रमुख लायजनर, करोड़ों का अवैध कमीशन
ईडी के मुताबिक सतपाल छाबड़ा प्रमुख लायजनरों और वित्तीय समन्वयकों में से एक था। वह ज्यादा कमीशन वाले सप्लाई-बेस्ड DMFT कार्यों की पहचान कर प्रतिशत के आधार पर विक्रेताओं में बांटता, कार्य आदेश और भुगतान में सुविधा देता, विक्रेताओं से कमीशन लेकर सिंडिकेट में वितरित करता था।
बैंकिंग लेनदेन और PMLA धारा 17 और 50 के तहत बयानों से खुलासा हुआ कि उसे लगभग 31 करोड़ रुपए अवैध कमीशन मिला, जो अपराध से अर्जित आय है। यह रकम आरोपी, परिवार, HUF और उसकी नियंत्रित संस्थाओं के खातों में आई। इससे पहले 03-04 सितंबर 2025 को धारा 17(1) के तहत तलाशी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त हुए थे। आगे की जांच जारी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. किसे गिरफ्तार किया?
सतपाल सिंह चाबड़ा, पिता धरमपाल सिंह चावड़ा, 01.09.2026 को PMLA धारा 19 के तहत।
Q2. कितने दिन रिमांड?
विशेष न्यायालय PMLA रायपुर ने 5 दिन ED रिमांड दिया।
Q3. घोटाला कितना बड़ा?
FY 2019-20 से 2023-24 में DMFT को 9188.20 करोड़ मिले, हिस्सा सप्लाई कार्यों में डायवर्ट।
Q4. कमीशन मॉडल क्या था?
बीज निगम के जरिए खरीद आदेशों पर 25-50% कमीशन, फिर लोक सेवकों को हिस्सा।
Q5. 31 करोड़ कैसे ट्रेस हुआ?
बैंक लेनदेन और धारा 17/50 के बयानों से, पैसा परिवार HUF और नियंत्रित संस्थाओं के खातों में।



