रायपुर। राजधानी के सिविल लाइन थाने में EOW में पदस्थ एक इंस्पेक्टर के ऊपर अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है यह जानकारी सिविल लाइन थाने के जानकार सूत्रों ने दी। इंस्पेक्टर का नाम जीवन प्रसाद कुजूर बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला:

दरअसल जीवन प्रसाद कुजूर पर सिविल लाइन थाने में SI रहते हुए जब्त माल गबन करने का आरोप है। मामला साल 2010-11 का है, जब धोखाधडी के आरोप में पंडरी निवासी अमरनाथ नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

मामले की विवेचना जीवन प्रकाश कुजूर कर रहे थे, आरोपी के पास से पुलिस ने हीरे की अंगुठी, सोने की चेन समेत करीब 5 लाख रूपये कीमत के जेवर बरामद किए थे, जिसकी रसीद भी तात्कालिक SI जीवन ने आरोपी को दी थी।

लेकिन जब आरोपी पूरे मामले से कोर्ट से दोषमुक्त होकर अपना सामान लेने थाने पहुंचा, तो उसका सारा सामान मालखाने में नहीं मिला और न ही मालखाने के रजिस्टर में उसके कीमती सामान का उल्लेख किया गया था।

See also  कस्टम मिलिंग घोटाला : ईओडब्ल्यू ने दाखिल की 3500 पन्नों की चार्जशीट, पूर्व एमडी मनोज सोनी और कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर का कच्चा चिटठा किया पेश

इस दौरान विवेचक जीवन प्रकाश कुजूर का तबादला सिविल लाइन से आर्थिक अपराध ब्यूरो EOW में हो गया था। पीड़ित अमरनाथ पिछले कई महीनों से थाने समेत पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा था।

बताया जा रहा है कि पीड़ित को जीवन के EOW तबादला होने की खबर लगी तो वो EOW मुख्यालय जाकर वरिष्ट अधिकारियों से भी इस मामले की शिकायत की जिसके बाद चेक के माध्यम से आरोपी एसआई जीवन प्रकाश कुजूर ने पीड़ित को करीब 25 हजार रुपए भी दिए।

काफी भटकने का बाद पीड़ित ने DGP से भी इसकी शिकायत की तो उन्होंने जीवन प्रकाश कूजूर के खिलाफ SSP रायपुर को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। बाद में सिविल लाईन थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर जीवन प्रकाश कुजूर के खिलाफ अमानत में खयानत की धारा 409 के तहत मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर पर आरोप होने के कारण इस मामले में विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक पुलिस के ऑनलाइन FIR पोर्टल में इस पूरे मामले को सेंसेटिव मामला बताकर उसको लॉक कर दिया गया है।

See also  बड़ी खबर : प्रदेश में EOW ने की बड़ी कार्रवाई, 20 ठिकानों पर दी दबिश, जांच जारी

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।