टीआरपी डेस्क। भारतीय Under-19 क्रिकेट टीम को एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। खिताबी मुकाबले में 191 रन से शिकस्त झेलने के साथ ही भारत का नौवीं बार चैंपियन बनने का सपना टूट गया, जबकि पाकिस्तान ने दूसरी बार अंडर-19 एशिया कप पर कब्जा जमाया।

मैच के बाद एक और घटना ने सभी का ध्यान खींचा। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी जब विजेता टीम को ट्रॉफी और मेडल देने मैदान पर आए, तब भारतीय अंडर-19 टीम ने उनसे रनर-अप ट्रॉफी और मेडल लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपने मेडल आईसीसी एसोसिएट सदस्यों के चेयरमैन मुबस्सिर उस्मानी से प्राप्त किए।

इस फैसले के बाद भारतीय जूनियर टीम की तुलना सीनियर टीम से होने लगी। इससे पहले सीनियर भारतीय टीम भी एशिया कप 2025 जीतने के बाद मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर चुकी है। जिसके बाद आज तक भारत को ये ट्रॉफी नहीं मिली है।आम तौर पर फाइनल हारने वाली टीम को रनर-अप ट्रॉफी और खिलाड़ियों को मेडल दिए जाते हैं, लेकिन इस बार नजारा अलग रहा।

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मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। पाकिस्तान ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम दबाव में बिखर गई और महज 26.2 ओवर में 126 रन पर ऑलआउट हो गई।

हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान आयुश महात्रे ने कहा कि यह दिन उनके लिए अच्छा नहीं रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने बेहतर बल्लेबाजी की और भारत की फील्डिंग भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान के मुताबिक टीम का प्लान 50 ओवर बल्लेबाजी करने का था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फाइनल को छोड़कर पूरे टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा, जिसे वह सकारात्मक मानते हैं।

इस फाइनल में पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में भारत पर भारी पड़ी। भारत आखिरी बार 2021 में अंडर-19 एशिया कप चैंपियन बना था और इस बार एक बार फिर खिताब उसके हाथ से फिसल गया।

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