रायपुर। राज्यपाल अनसुईया उइके ने सोमवार को राजभवन में NIC छत्तीसगढ़ की वार्षिक पुस्तिका डिजिटल पाथवे का विमोचन किया। इस दौरान विकसित किए गए ब्लॉकचेन सिस्टम विश्वविद्यालयों में लागू किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र ब्लॉकचेन में सुरक्षित रहेंगे।

पब्लिक एक्सेस होने से उसकी विश्वसनीयता की भी जांच की जा सकती है। इससे विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्रों के रखने, लाने ले जाने की प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने समस्त विश्वविद्यालयों को NIC द्वारा विकसित किए गए स्वास प्लेटफॉर्म के तर्ज पर एक ही प्लेटफॉर्म में लाने की बात कही।

राज्यपाल उइके ने कहा, छत्तीसगढ़ में डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में NIC की महत्वपूर्ण भूमिका है। NIC द्वारा उपलब्ध कराई गई डिजिटल सेवा कोविड-19 के दौर में काफी मददगार रही। डिजिटल सेवा के बदौलत ही तमाम कार्यों का संपादन किया जा सका। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई निरंतर जारी रही। इस अवसर पर NIC के उप महानिदेशक संजय कपूर, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी छत्तीसगढ़ डॉ. अशोक कुमार होता, विधिक सलाहकार आरके अग्रवाल, उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। साथ ही NIC छत्तीसगढ़ के सभी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।

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क्या होता है ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी

ब्लॉकचेन डिजिटल जानकारी को रिकॉर्ड और डिस्ट्रीब्यूट करने की अनुमति देती है। ब्लॉकचेन लेनदेन का एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे बदला, हटाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है। ब्लॉकचेन को डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) के रूप में भी जाना जाता है।