रायपुर। राजधानी के श्री संकल्प हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी कार्यवाही की गयी है। स्वस्थ्य विभाग ने अस्पताल पर डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के हितग्राहियों से आर्थिक लाभ के उद्देश्य से अतिरिक्त नगद राशि लेने का आरोप लगाया है।

विभाग ने पहले भी दी थी चेतावनी

राज्य नोडल एजेंसी की ओर से अस्पताल प्रबंधन को ज़ारी निलंबन आदेश में ये बताया गया है कि प्रबंधन को पहले भी इस तरह के प्रकरण के लिए चेतावनी दी गयी थी। जिसमे अस्पताल प्रबंधन को डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के हितग्राहियों से नगद राशि न लिए जाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद श्री संकल्प हॉस्पिटल अपनी हरकत से बाज़ नहीं आया। टीपीए की ऑडिट रिपोर्ट में संकल्प हॉस्पिटल के द्वारा फिर से 8 हितग्राहियों से नगद राशि लिया जाना पाया गया। बता दें कि योजना हितग्राहियों द्वारा प्राप्त 8 शिकायतों का विवरण देते हुए ये बताया गया है कि अस्पताल प्रबंधन ने नगद राशि के रूप में लगभग 10,58,460 रु अवैध रूप से वसूल किये हैं।

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बहरहाल विभाग ने इस विषय पर कार्रवाई करते हुए अब अस्पताल को राज्य नोडल एजेंसी द्वारा संचालित समस्त योजनाओं से 3 माह के लिए निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन को किसी भी नए मरीज को योजना के अंतर्गत भर्ती ना करने का आदेश दिया गया है। विभाग ने श्री संकल्प अस्पताल प्रबंधन को पहले से इस योजना के अंतर्गत भर्ती हुए मरीजों का पूर्ण उपचार के पश्चात उन्हें डिस्चार्ज करके टीएमसी पोर्टल के माध्यम से कार्यालय को सूचित करने का निर्देश भी जारी किया है।

नगद पैसे लेकर बिल देने के नाम पर करते हैं ना नुकुर

वही सम्बंधित मामले में टीआरपी ने शिकायतकर्ता और अस्पताल प्रबंधन दोनों का पक्ष जानना चाहा। जिसमे अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्थिति को स्पष्ट करने टीआरपी से किसी ने कोई बात नहीं की।

वही शिकायतकर्ताओं में से एक से जब हमने इस विषय पर बात की तो उन्होंने बताया कि उनसे इलाज के तौर पर अस्पताल प्रबंधन ने पहले तो लगभग 1 लाख रूपए नगद वसूल किये। जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा इस रकम की रसीद मांगी गयी। जिसपर प्रबंधन ने पहले तो बिल देने से इंकार कर दिया लेकिन काफी हुज्जत और हंगामे के बाद जब प्रबंधन ने बिल दिया तो उसमे शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए नगद रकम का 80 से 90% हिस्सा दर्शाया ही नहीं गया। जिसके बाद उन्होंने पत्र लिख कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

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बता दें कि श्री संकल्प हॉस्पिटल मरीज़ों से डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत इलाज कराने के बावजूद नगद रकम लेकर बिल न देने वाला कोई पहला अस्पताल नहीं है। राजधानी ही नहीं बल्कि प्रदेश में ऐसे कई अस्पताल हैं जो इस तरह के प्रकरण को अंजाम देते हैं। प्रायः ये अस्पताल स्वास्थय विभाग की नज़रों से बच बचा कर इस तरह की अवैध वसूली करते हैं। और अगर ये पकड़ में भी आते हैं तो विभाग द्वारा इन पर कठोर कार्यवाही के बजाये इन्हे चेतावनी दे कर छोड दिया जाता है। कठोर कार्यवाही के अभाव इन अस्पतालों के इरादों में और अधिक मनोबल में वृद्धि होती है।

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