रायपुर। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति, बिलासपुर ने आज रायपुर में बिलासा एयरपोर्ट में सुविधाओं के विस्तार की मांग पर ज्ञापन सौंपा और आवश्यक धनराशि स्वीकृत करने की मांग की।

समिति के सैकड़ों सदस्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज रायपुर के गांधी मैदान में एकत्र हुए। यहां से सभी रैली की शक्ल में मार्च करते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर निकले। बाद में इन सभी को पुलिस ने OCM चौक के आगे बेरिकेट लगाकर रोका गया। यहां प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए धरना दिया और मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है बिलासपुर…

मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि बिलासपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, पर यहां पर्याप्त हवाई सुविधा नहीं है। छत्तीसगढ़ क्षेत्रफल में तमिलनाडु से बड़ा है लेकिन वहां 6 हवाईअड्डे हैं, जबकि रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ केवल रायपुर पर निर्भर है। बिलासपुर से राज्य के 10 जिले व मध्यप्रदेश के 3 जिले नजदीक हैं, पर यहां हवाई सुविधाओं की कमी है।

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सेना से हस्तांतरित भूमि का अब तक सीमांकन नहीं

मुख्यमंत्री से ज्ञापन में बताया गया है कि सेना से भूमि हस्तांतरण का कार्य केवल सीमांकन नहीं होने के कारण रुका हुआ है, जिसे पूरा करने की मांग की गई है। नाइट लैंडिंग में कौन सी टेक्नालॉजी अपनाई जाए, इस पर राज्य सरकार व केंद्र के बीच विवाद करीब 10 माह से चल रहा है। जाहिर है कि केंद्र की एजेंसी ही लाइसेंस देगी, ऐसे में उसके निर्देश की अवहेलना न किया जाए।

सुविधाएं बढ़ाने 200 करोड़ रूपये की जरुरत

बोईंग और एयरबस से बड़े विमान उतारने के लिए रन वे की लंबाई बढ़ाने तथा एयरपोर्ट के 4सी श्रेणी में अपग्रेडेशन के लिए प्रथम चरण में 2200 मीटर रन वे और 400 यात्रियों के लिए टर्मिनल जरूरी है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उक्त राशि स्वीकृत की जाए।

रायपुर में प्रदर्शन के दौरान समिति के सदस्य सुदीप श्रीवास्तव, महापौर रामशरण यादव, शेख नजीरुद्दीन, महेश दुबे, अमर बजाज, विजय वर्मा, समीर अहमद, महेंद्र गंगोत्री सहित बड़ी संख्या में नागरिक व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

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