टीआरपी डेस्क। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या मामले में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित उस बाड़े को प्रशासन ने आठ महीने बाद ढहा दिया। यह वहीं ठिकाना है जहां मुकेश की हत्या कर शव को छुपाया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम दोपहर के समय मौके पर पहुंची। यह वही बाड़ा था जिसे हत्या के बाद क्राइम सीन मानते हुए सील किया गया था। अधिकारियों ने इसे अवैध अतिक्रमण मानते हुए कार्रवाई शुरू की और बुलडोजर की मदद से संरचना को तोड़ दिया गया। पत्रकार संगठनों ने पहले भी आरोपी सुरेश चंद्राकर की संपत्ति पर कार्रवाई की मांग उठाई थी।

मुकेश चंद्राकर की जनवरी को हुई थी। जांच के बाद पुलिस ने पत्रकार का शव सुरेश चंद्राकर के बाड़े के सेप्टिक टैंक से बरामद किया था। इस मामले में सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके की गिरफ्तारी हो चुकी है और चारों फिलहाल जेल में हैं। SIT ने इस हाई-प्रोफाइल केस में 1000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दायर की है और 72 गवाहों को शामिल किया गया है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुकेश की हत्या दो लोगों ने मिलकर की थी, और इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड सुरेश चंद्राकर था। मुकेश ने कुछ दिन पहले सुरेश के निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों को उजागर किया था, जिससे नाराज होकर हत्या की साजिश रची गई।