टीआरपी डेस्क। Supreme Court’s Warning : क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल का नाम एक बड़े विवाद में आ गया है। हाल ही में उन्होंने एक सभा में भगवान झूलेलाल, महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इन टिप्पणियों के बाद न केवल सिंधी समाज बल्कि अग्रवाल समाज ने भी तीखा विरोध जताया था जिसके बाद देशभर की कई जगहों पर बघेल के खिलाफ मामले दर्ज करवाए गए थे।

मामले को लेकर अमित बघेल ने देशभर में हुई शिकायतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी और इसके साथ ही देशभर में दर्ज केसेस के मर्जर के निवेदन को भी खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने अमित बघेल को सख्त हिदायत देते हुए कहा “आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्यों की पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।”

रायपुर में मूर्ति तोड़ने की घटना से उपजा विवाद

26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर मानसिक बीमार एक युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। इस घटना से पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया।

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अगले ही दिन जब छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सदस्य विरोध कर रहे थे, उनके अध्यक्ष अमित बघेल ने विवादित बयान दिया “पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अग्रसेन महाराज की मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं भगवान झूलेलाल के बारे में?” इन शब्दों ने धार्मिक और सामाजिक भावना को चोट पहुंचाई।

सिंधी और अग्रवाल समाज का तीखा विरोध

बघेल के बयान के बाद रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे शहरों में प्रदर्शन हुए। सिंधी समाज ने कहा कि भगवान झूलेलाल पर टिप्पणी कर उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया है। अग्रवाल समाज ने भी महाराजा अग्रसेन का अपमान करने पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि बघेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।

मुंबई के ठाणे में FIR दर्ज

महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी कैलाश महेश सुखरामानी ने ठाणे पुलिस में बघेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि बघेल की टिप्पणी से सिंधी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

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ठाणे पुलिस ने IPC की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR करवाने वाले कैलाश महेश सुखरामानी ने कहा कि भगवान झूलेलाल के अपमान से हमारे समाज को कष्ट पहुंचा है। अमित बघेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में भी गिरफ्तारी की मांग

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में संगठनों ने अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग की है। राज्य के कई हिस्सों में जन आंदोलन जारी हैं। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे है।

सोशल मीडिया पर #ArrestAmitBaghel ट्रेंड कर रहा है। सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर जिलों में दर्जनों लोगों ने ज्ञापन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

अमित बघेल ने कहा माफी नहीं मांगेंगे

Supreme Court’s Warning : विवाद बढ़ने के बाद अमित बघेल ने मीडिया से कहा कि वे अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगे।उन्होंने कहा “छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान हुआ और हम चुप नहीं रह सकते। FIR से पहले समाज ने चर्चा क्यों नहीं की? हम अपने छत्तीसगढ़ी अस्मिता के लिए खड़े हैं और किसी के दबाव में नहीं आएंगे।”

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