टीआरपी डेस्क। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों की बैठक की। इस दौरान पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर शामिल नहीं हुए, जबकि उन्होंने अपनी उपस्थित न होने की जानकारी पहले ही पार्टी को दे दी थी। चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी भी बैठक में उपस्थित नहीं रहे।

तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि वह बैठक छोड़कर नहीं गए, बल्कि बैठक के समय वह केरल से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में थे। उनकी टाइमलाइन के अनुसार, एक दिन पहले वह कोलकाता में प्रभा खैतान फाउंडेशन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इससे पहले भी 1 दिसंबर को वह इसी वजह से कांग्रेस की की बैठक में नहीं पहुंच सके थे।

कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई पिछली बैठक में भी थरूर की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए थे। वहीं, खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए वह एसआईआर मुद्दे पर आयोजित कांग्रेस की बैठक से भी अनुपस्थित रहे थे।

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कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि यह रेगुलर बैठक थी, जिसमें सत्र समाप्ति से पहले सांसदों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने कहा कि हर सत्र में नेता प्रतिपक्ष सांसदों से चर्चा कर उनके विचारों को सुनते हैं और आगे की रणनीति तय करते हैं।

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने शीतकालीन सत्र में ‘वंदे मातरम्’ और चुनाव सुधारों पर हुई चर्चाओं में पार्टी सांसदों के प्रदर्शन की सराहना की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर अब सरकार दबाव में है।

बैठक के बाद कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष ने प्रयासों को सराहते हुए कहा कि सांसदों ने विषय-वस्तु और तर्कों के आधार पर सदन में मजबूत पक्ष रखा है। इस बैठक में पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई।