रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के धौराभाठा गांव में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसक हो गया। भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने पहुंची पुलिस के साथ झूमाझटकी हो गई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।

सीएचपी चौक पर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया और मौके पर खड़ी बसों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस दौरान महिला टीआई कमला पुसाम पर हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 30 से 35 ग्रामीणों को हिरासत में लेकर थाने भेजा गया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन और तेज कर दिया। पुलिस पार्टी पर ग्रामीणों ने पत्थरों से हमला किया। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

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बता दें कि ग्रामीण पिछले करीब 15 दिनों से सीएचपी चौक पर कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में धरना दे रहे थे। उनकी मांग थी कि प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला खदान से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होगा और बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका है।

धरना हटाने की कार्रवाई के दौरान एक ग्रामीण के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना के बाद विवाद और बढ़ गया। पथराव के बीच एक बस को भी नुकसान पहुंचाया गया। फिलहाल इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।