टीआरपी। Corruption in the supply of sanitary pads: सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड की सप्लाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि कमीशन के खेल में बच्चियों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बिना टेंडर प्रक्रिया के 1 करोड़ 13 लाख 75 हजार का आदेश जारी कर दिया जाता है। यह आदेश फर्नीचर बनाने वाले कोरिया के फर्नीचर फॉर्म को दिया गया है। जिस फार्म को यह जिम्मेदारी दी गई है उसका काम फर्नीचर निर्माण से जुड़ा हुआ है।
बिना टेंडर के सौंपा सप्लाई का काम
कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के विभाग पर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा है कि क्या कंपनी को सेनेटरी या हाइजीन प्रोडक्ट से जुड़ा पूर्व अनुभव था? हैरानी की बात यह है कि इस कार्य के लिए ना तो जैम पोर्टल के जरिए टेंडर निकला और ना ही ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई थी। ऑफलाइन आदेश जारी कर सीधे सप्लाई का काम सौंप दिया गया। 1 करोड़ 13 लाख 75 हजार का टेंडर दे दिया जाता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। भंडार क्रय नियम 2022 वी संशोधित नियम 2025 के अनुसार शासकीय विभागों की खरीदी जैम पोर्टल के जरिए होनी है। लेकिन, महिला एवं बाल विकास विभाग में सभी नियम कानून को साइड में रखकर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
अनेक स्कूलों में सेनेटरी नैपकीन मशीन खराब
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन की मशीन तो लगा दिए हैं । लेकिन, मेंटेनेंस के अभाव में राजधानी में ही स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल मोवा, सप्रे स्कूल, जे.आर. दानी स्कूल, आर.डी. तिवारी स्कूल जैसे कई स्कूलों में मेंटेनेंस के अभाव में सैनिटरी मशीन खराब पड़ा हुआ है। जब राजधानी के स्कूलों में यह हाल है तो दूरस्थ और ग्रामीण स्कूलों की कल्पना कर सकते हैं कि वहां की बच्चियो को सेनेटरी नैपकिन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकांश स्कूलों में सेनेटरी पैड की मशीन नहीं है। करोड़ों खर्च करके सेनेटरी पैड तो खरीद लिया जा रहा है, उसके बाद क्या? क्या उसके बाद भी कमीशन का खेल कर इसे बेच दिया जाएगा?


