नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा ने तकनीकी दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपना बिल्कुल नया ‘म्यूज इमेज’ (Muse Image) मॉडल आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह नया मॉडल कंपनी की नवनिर्मित टीम ‘मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ द्वारा तैयार किया गया पहला बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने आगामी ‘म्यूज वीडियो’ (Muse Video) का भी प्रीव्यू पेश किया है, जो आने वाले महीनों में कंटेंट क्रिएटर्स और सामान्य यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। मेटा इस नई तकनीक को अपने सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक पर तेजी से शामिल कर रहा है।
इंस्टाग्राम स्टोरीज और व्हाट्सएप पर रोलआउट शुरू
कंपनी के मुताबिक, ‘म्यूज इमेज’ तकनीक अब मेटा के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट पर लाइव हो चुकी है। अमेरिका के यूजर्स वर्तमान में इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से इसका उपयोग कर पा रहे हैं, जबकि भारत सहित कुछ चुनिंदा देशों में व्हाट्सएप सपोर्ट के लिए इसका रोलआउट धीरे-धीरे शुरू किया जा रहा है।
सोचने और तर्क करने की क्षमता से लैस है यह नया मॉडल
बाजार में मौजूद अन्य साधारण सॉफ्टवेयर और मॉडल्स के विपरीत जो केवल दिए गए निर्देशों के आधार पर तस्वीरें बना देते हैं, ‘म्यूज इमेज’ एक विशेष एजेंट-बेस्ड सिस्टम पर काम करता है। यह सिस्टम कोई भी तस्वीर या ग्राफिक तैयार करने से पहले खुद अपनी रीजनिंग (तर्क और गणना) कर सकता है।
कंपनी का दावा है कि यह मॉडल इंटरनेट पर मौजूद सबसे ताजा और सटीक जानकारियों को खोजने के लिए वेब सर्च कर सकता है। इसके अलावा, बिल्कुल सही काम करने वाले क्यूआर कोड (QR codes) बनाने, जटिल चार्ट्स और ग्राफिक्स तैयार करने के लिए खुद ही बैकएंड पर कोड रन कर सकता है। यह मॉडल बार-बार अलग-अलग विकल्प आजमाने के बजाय अपनी रीजनिंग पर अधिक समय बिताता है, जिससे इसका फाइनल आउटपुट बेहद शानदार और त्रुटिहीन होता है।
एडवांस इमेज एडिटिंग और ‘कंटेंट सील’ की सुरक्षा
इस नए टूल की मदद से यूजर्स अब एडवांस लेवल की फोटो एडिटिंग कर सकेंगे। इसमें पूरी तस्वीर को प्रभावित किए बिना उसके किसी एक खास हिस्से या बैकग्राउंड को आसानी से बदला या सुधारा जा सकता है। यह तकनीक एक ही निर्देश में कई अलग-अलग तस्वीरों के संदर्भों को मिलाकर एक नया रूप दे सकती है, जिससे लोग, वस्तुएं, स्थान और कलात्मक शैलियां एक ही फ्रेम में समाहित हो सकती हैं।
मेटा ने इसके साथ सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है और ‘कंटेंट सील’ (Content Seal) नाम का एक फीचर पेश किया है। यह डिजिटल रूप से तैयार की गई तस्वीरों के भीतर छिपा रहने वाला एक अदृश्य वाटरमार्क है। यदि कोई यूजर इस इमेज को क्रॉप, रीसाइज या कंप्रेस भी कर देता है, तब भी यह वाटरमार्क तस्वीर से नहीं हटेगा, जिससे ओरिजिनल और डिजिटल रूप से बनाई गई तस्वीरों की पहचान आसानी से की जा सकेगी।


