Chhattisgarh ka Mausam: छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश का दौर तेज होने से राज्य भर में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। बुधवार को राजधानी रायपुर, बिलासपुर और सूरजपुर समेत कई जिलों में दिनभर मूसलाधार पानी गिरा, जिससे मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में नदियां उफान पर आ गई हैं। जुलाई महीने में सक्रिय हुए इस दूसरे मजबूत मौसम तंत्र के प्रभाव से सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय तंत्र के कारण कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और जशपुर जिलों में तेज बारिश के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरजपुर जिले में सबसे ज्यादा 190 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अंबिकापुर में 100 मिमी, रायपुर में 80 मिमी और रायगढ़, डोंगरगढ़, बलौदाबाजार तथा राजनांदगांव में लगभग 70-70 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। अचानक बढ़ी इस बारिश से जहां खरीफ फसलों को राहत मिली है, वहीं कई जगहों पर स्थानीय मार्ग बंद हो गए हैं।
किस जिले में सबसे अधिक बारिश ?
चालू मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का रुझान काफी भिन्न देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, सारंगढ़ जिला इस बार बारिश के मामले में सबसे आगे है, जहां अब तक 613 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 373 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह मुंगेली, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर में भी कोटा पूरा हो चुका है। हालांकि, राज्य की औसत बारिश का आंकड़ा अब भी 381 मिमी है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। सरगुजा, कांकेर, कोंडागांव और मोहला-मानपुर सहित 11 जिलों में अभी भी मानसूनी बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिससे वहां के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है मौसम विज्ञान केंद्र का लेटेस्ट अपडेट ?
राज्य के ऊपरी हिस्से में बना चक्रवाती तंत्र काफी मजबूत है, जिसके असर से अगले दो दिनों तक राज्य में व्यापक बारिश की संभावना बनी रहेगी। संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासनों को जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों पर सीधा असर पड़ रहा है। शहरों की मुख्य सड़कों और बस्तियों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान की रोपाई और बियासी के काम के लिए वरदान साबित होगी, लेकिन जिन क्षेत्रों में पानी का भराव अत्यधिक हो रहा है, वहां युवा पौधों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का यही रुख रहा, तो बांधों के गेट खोलने पड़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
Ans: मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
Q2: बीते 24 घंटों में किस जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है?
Ans: पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के सूरजपुर जिले में सबसे अधिक 190 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
Q3: इस मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ का कौन सा जिला बारिश में सबसे आगे है?
Ans: सारंगढ़ जिला इस सीजन में सबसे आगे है, जहां अब तक सामान्य से 373 प्रतिशत अधिक यानी 613 मिमी बारिश हो चुकी है।
Q4: किन जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है?
Ans: सरगुजा, कांकेर, कोंडागांव और मोहला-मानपुर समेत 11 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
Q5: बारिश के दौरान लोगों के लिए क्या सुरक्षा सलाह जारी की गई है?
Ans: लोगों को नदी-नालों के पास न जाने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।


