CG CONGRESS: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क परियोजना में उद्घाटन से पहले ही दरारें आने लगी हैं, जो भाजपा सरकार की कार्यशैली, मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचार की पोल खोलती हैं।
मुंगेली, गरियाबंद में निर्माण कार्यों की पोल खुली
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने राज्य के अलग-अलग जिलों में हाल ही में हुए हादसों और निर्माण संबंधी समस्याओं का ब्योरा देते हुए सरकार को घेरा:
मुंगेली जिला (अमर टापू धाम): PWD मंत्री के गृह जिले में करीब ₹4.5 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का स्लैब पहली ही ढलाई में गिर गया। घटिया निर्माण सामग्री, तकनीकी लापरवाही और विभागीय अनदेखी इसका मुख्य कारण है।
गरियाबंद (कोसुमबूड़ा पुल): तेज बहाव में पुल टूट जाने से 10 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल व बाजार तक पहुंचने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सूरजपुर (सुखदेवपुर नाला): टूटी पुलिया और अधूरे रपटे के कारण स्कूली बच्चे, महिलाएं और किसान उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर पार करने को मजबूर हैं।
राजनांदगांव (ग्राम बरगा): रेलवे द्वारा ₹26 करोड़ की लागत से निर्मित ओवरब्रिज के लोकार्पण के महज एक महीने के भीतर चौड़ी दरारें आ गईं और सड़क फटकर दो हिस्सों में बंटती दिख रही है।

टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर का गंभीर आरोप
सुरेंद्र वर्मा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और PHE विभाग में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
“हाल ही में लोक निर्माण विभाग के ₹50 लाख के टेंडर में अपने चहेते अपात्र ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए इरादतन दस्तावेजों में हेरफेर की गई। जरूरी रजिस्ट्रेशन और इलेक्ट्रिकल लाइसेंस की अनिवार्यता से छूट देकर फर्म को क्वालिफाई कर दिया गया, जबकि नियमानुसार उसे अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए था।”
कांग्रेस का कहना है कि आम जनता टैक्स चुकाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है और बारिश के मौसम में कॉलोनियों से लेकर बस्तियों तक जलभराव और जर्जर सड़कों की समस्या बनी हुई है।
FAQ
प्रश्न 1: भारतमाला सड़क परियोजना को लेकर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया है?
उत्तर: कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क में उद्घाटन से पहले ही सड़कों पर दरारें आ गई हैं, जो निर्माण की घटिया गुणवत्ता और कमीशनखोरी को उजागर करती हैं।
प्रश्न 2: PWD मंत्री के गृह जिले में निर्माण कार्य को लेकर क्या हादसा सामने आया?
उत्तर: मुंगेली जिले के अमर टापू धाम में करीब ₹4.5 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का स्लैब पहली ही ढलाई के दौरान नीचे गिर गया।
प्रश्न 3: राजनांदगांव के ग्राम बरगा ओवरब्रिज में क्या समस्या पाई गई?
उत्तर: राजनांदगांव के बरगा में रेलवे द्वारा ₹26 करोड़ की लागत से बनाए गए ओवरब्रिज के लोकार्पण के मात्र एक महीने के भीतर ही पुल में चौड़ी दरारें आ गईं।
प्रश्न 4: लोक निर्माण विभाग (PWD) के टेंडर को लेकर कांग्रेस ने क्या खुलासा किया?
उत्तर: कांग्रेस का आरोप है कि PWD के ₹50 लाख के टेंडर में अपात्र ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की छूट देकर नियमों का उल्लंघन किया गया।
प्रश्न 5: गरियाबंद जिले में पुल टूटने से आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: गरियाबंद के कोसुमबूड़ा में पुल टूटने से 10 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।


