CG BMO Suspended
जच्चा-बच्चा की मौत पर सरकार का बड़ा एक्शन, कांकेर के बीएमओ डॉ. शचिन्द्र गोटा निलंबित

कांकेर। छत्तीसगढ़ में सरकारी अस्पताल की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शचिन्द्र कुमार गोटा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि प्रसूता के इलाज में घोर लापरवाही बरती गई।

पूरा मामला क्या है?

पीड़ित परिवार: ग्राम चाहचाड निवासी कमलेश कोमरा
घटना: 15 मई से 17 मई 2026 के बीच की

  1. 15 मई को अस्पताल में भर्ती: कमलेश अपनी पत्नी द्रोपदी कोमरा को प्रसव पीड़ा होने पर भानुप्रतापपुर CHC लेकर आया। आरोप है कि भर्ती के बाद भी डॉक्टरों ने महिला पर ध्यान नहीं दिया।
  2. 17 मई को सोनोग्राफी के लिए भटकना: 2 दिन बाद स्टाफ ने सोनोग्राफी कराने को कहा। लेकिन CHC में सोनोग्राफी मशीन ही नहीं थी। मजबूरन पति पत्नी को बाइक पर बिठाकर निजी अस्पताल ले गया।
  3. रिपोर्ट के बाद भी इलाज नहीं: सोनोग्राफी रिपोर्ट लेकर फिर CHC पहुंचे। दर्द से तड़प रही महिला को फिर भी उचित उपचार नहीं मिला। आरोप है कि डॉक्टर को कॉल करने के बाद भी वो समय पर नहीं पहुंचे।
  4. स्थिति बिगड़ी, निजी अस्पताल ले गए: हालत गंभीर होने पर परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए। वहां देर रात प्रसव हुआ।
  5. जच्चा-बच्चा दोनों की मौत: जन्म के 1 घंटे बाद संक्रमण से नवजात की मौत। कुछ घंटे बाद महिला द्रोपदी की भी मौत हो गई।
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परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने CHC के डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

22 मई को अखबार में खबर छपी – “डॉक्टर बोले आज नहीं आउंगा, दो दिन से तड़पने के बाद प्रसूता के नवजात की मौत”

इसके बाद मामला सरकार तक पहुंचा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव ने आदेश जारी कर डॉ. शचिन्द्र कुमार गोटा, BMO, भानुप्रतापपुर को निलंबित कर दिया।

आदेश में लिखा है:

“सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भानुप्रतापपुर में भर्ती प्रसूता के ईलाज के दौरान लापरवाही बरतने के कारण राज्य शासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।”

निलंबन का मतलब क्या?

निलंबन के दौरान डॉ. गोटा मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे और विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें कोई प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

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FAQ: कांकेर जच्चा-बच्चा मौत मामला

सवाल 1. किसे निलंबित किया गया है?

भानुप्रतापपुर CHC के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शचिन्द्र कुमार गोटा को।

सवाल 2. मामला कब का है?

15 मई से 17 मई 2026 के बीच। प्रसूता द्रोपदी कोमरा को 15 मई को भर्ती किया गया था।

सवाल 3. लापरवाही के क्या आरोप हैं?

समय पर इलाज न करना, सोनोग्राफी मशीन न होना, डॉक्टर का फोन पर भी समय पर न आना।

सवाल 4. किस नियम के तहत निलंबन हुआ?

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत।

सवाल 5. आगे क्या होगा?

विभागीय जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।