नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश के लाखों रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 11 लाख 72 हजार से अधिक नॉन-गजटेड रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से सरकार के राजकोष पर लगभग 2,029 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा कितना फायदा?
कैबिनेट के इस फैसले के तहत, प्रत्येक योग्य रेलवे कर्मचारी को 78 दिनों के लिए अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि सीधे तौर पर रेलवे की कार्यक्षमता और कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दी जाती है। इस बोनस का लाभ रेलवे की विभिन्न श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा।
कब होगा भुगतान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हर साल दशहरा या दिवाली की छुट्टियों से ठीक पहले योग्य रेलवे कर्मचारियों के खाते में यह बोनस राशि ट्रांसफर कर दी जाती है। इस साल भी तय समय सीमा के भीतर इसका भुगतान किया जाएगा।
भारतीय रेलवे का शानदार प्रदर्शन
सरकार की ओर से यह मंजूरी ऐसे समय में दी गई है जब भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बेहद मजबूत परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। इस अवधि के दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल (Freight) को सफलतापूर्वक हैंडल किया।
लगभग 7.41 बिलियन यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। सरकार का मानना है कि यह बोनस रेलवे की प्रगति में दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों के समर्पण और कड़ी मेहनत का सम्मान है।
हालांकि, भारतीय रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) जैसे कई कर्मचारी संगठन लंबे समय से बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। संगठनों का सुझाव है कि लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए इस सीमा को बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाना चाहिए और इसमें महंगाई भत्ते (DA) को भी शामिल किया जाना चाहिए।



