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Chhattisgarh: जानें कौन हैं रायपुर की कस्तूरी बल्लाल, जिनके लिए अनंत अंबानी ने बढ़ाया मदद का हाथ

Animal Lover Kasturi Ballal: सड़क पर घायल और बीमार जानवरों को देखकर शुरू हुई कस्तूरी बल्लाल की चिंता आज एक बड़े मिशन में बदल चुकी है। रायपुर की कस्तूरी बल्लाल चंदखुरी में वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी चलाती हैं, जहां बेसहारा, घायल और बीमार जानवरों का रेस्क्यू कर इलाज और देखभाल की जाती है। अब उनके इस […]

RTU students protest after hostel student death in Kota
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Animal Lover Kasturi Ballal: सड़क पर घायल और बीमार जानवरों को देखकर शुरू हुई कस्तूरी बल्लाल की चिंता आज एक बड़े मिशन में बदल चुकी है। रायपुर की कस्तूरी बल्लाल चंदखुरी में वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी चलाती हैं, जहां बेसहारा, घायल और बीमार जानवरों का रेस्क्यू कर इलाज और देखभाल की जाती है। अब उनके इस काम को अनंत अंबानी ने भी सराहा है। कस्तूरी ने अनंत अंबानी से अपने सेंटर की जरूरतों को लेकर बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने तीन प्रस्तावों पर मदद का भरोसा दिया।

वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कस्तूरी बल्लाल इसकी फाउंडर हैं। सेंटर चंदखुरी में संचालित है और घायल, बीमार, छोड़े गए तथा विशेष देखभाल की जरूरत वाले जानवरों के लिए काम करता है।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई, लेकिन जानवरों की सेवा बनी जिंदगी

कस्तूरी बल्लाल ने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कॉलेज के समय से ही उन्हें जानवरों से लगाव था। धीरे-धीरे यही लगाव उनके जीवन के काम में बदल गया। उन्होंने घायल और बीमार स्ट्रीट एनिमल्स के लिए चंदखुरी में सेंटर खड़ा किया। यहां खासतौर पर ऐसे डॉग्स को रेस्क्यू किया जाता है, जिन्हें सड़क पर इलाज या सुरक्षित आश्रय नहीं मिल पाता। सेंटर में रेस्क्यू के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी है। घायल जानवरों को लाने के बाद उनका इलाज, भोजन और देखभाल की जाती है। आधिकारिक वेबसाइट भी वाटिका के रेस्क्यू, मेडिकल केयर और सेंक्चुअरी मॉडल की जानकारी देती है।

एसिड अटैक से घायल डॉग से लेकर अंधे घोड़े तक

वाटिका में ऐसे कई जानवर हैं, जिन्हें सड़क पर गंभीर हालत में छोड़ दिया गया था। कस्तूरी के अनुसार, यहां कुछ डॉग्स एसिड अटैक के बाद पहुंचे तो कुछ के पैर टूटे हुए थे। कई जानवर आंखों की समस्या और दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। सेंक्चुअरी में ऐसे डॉग्स को भी रखा जाता है जो विकलांग हैं, अंधे हैं या किसी वजह से दोबारा सड़क पर रहने की स्थिति में नहीं हैं। उनका इलाज और लंबे समय तक देखभाल की जाती है। कस्तूरी ने घोड़े और ऊंट को भी लीगल कस्टडी में लेकर उनकी देखभाल की है। उनके मुताबिक, दोनों के साथ उनके मालिकों की ओर से क्रूरता की गई थी। इनमें एक घोड़ा अंधा है और पहले ईंट ढोने का काम करता था। बीमार और घायल ऊंट को उसके मालिक ने सड़क पर छोड़ दिया था।

रोज की देखभाल में सिर्फ इलाज नहीं, पूरी जिम्मेदारी

वाटिका की टीम के लिए जानवरों की देखभाल सिर्फ रेस्क्यू तक सीमित नहीं है। यहां उन्हें खाना देना, साफ-सफाई करना, दवा और उपचार देना तथा जरूरत के मुताबिक नसबंदी कराना भी शामिल है। कस्तूरी की सोशल पोस्ट और सेंटर की मौजूदा जानकारी में भी लंबे समय से चल रहे इस काम और अस्पताल-सुविधाओं को विकसित करने की जरूरत का जिक्र है। वाटिका की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सेंक्चुअरी में रेस्क्यू, मेडिकल केयर, स्पे/न्यूटर और विशेष जरूरत वाले जानवरों की देखभाल जैसे काम किए जाते हैं।

अनंत अंबानी से बातचीत में रखीं तीन बड़ी जरूरतें

अब कस्तूरी बल्लाल की मुलाकात अनंत अंबानी से हुई। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने सेंटर की मौजूदा चुनौतियों और जरूरतों के बारे में बताया। कस्तूरी ने कहा कि ग्रामीण इलाके में सेंटर होने के कारण निर्माण से जुड़ी कई दिक्कतें आती हैं। उन्होंने शेल्टर में मौजूद कच्चे शेड्स को स्थायी बनाने की जरूरत बताई। इसके अलावा उन्होंने एक एक्स-रे मशीन और उसे लगाने के लिए रेडिएशन-फ्री रूम की जरूरत बताई। तीसरी जरूरत जानवरों के रेस्क्यू और दूसरी गतिविधियों के लिए एक वाहन की रखी गई।

अनंत अंबानी बोले- तीनों प्रस्तावों पर काम होगा

कस्तूरी से बातचीत के दौरान अनंत अंबानी ने इन तीनों प्रस्तावों पर मदद का भरोसा दिया। बातचीत में उन्होंने सेंटर का दौरा करने और काम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। उन्होंने कस्तूरी से तीनों सेंटर से जुड़े काम को 45 दिनों के भीतर पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने को कहा। साथ ही वाहन उपलब्ध कराने की बात भी कही। कस्तूरी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात को अपने वर्षों के काम के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का पल बताया। उन्होंने लिखा कि अनंत अंबानी ने उन्हें ‘Champions of Care’ नाम दिया है।

कस्तूरी बोलीं- यह सिर्फ सम्मान नहीं, आगे बढ़ने की प्रेरणा

कस्तूरी के मुताबिक, वाटिका का सफर अनगिनत रेस्क्यू ऑपरेशन और टीम की लगातार मेहनत से यहां तक पहुंचा है। उनके लिए अनंत अंबानी से मिलना सिर्फ सम्मान का पल नहीं, बल्कि उन जानवरों के लिए और ज्यादा काम करने की प्रेरणा है जिनकी अपनी आवाज नहीं है। वाटिका की वेबसाइट के अनुसार संस्था का उद्देश्य घायल, बेसहारा और विशेष जरूरत वाले जानवरों को रेस्क्यू, इलाज और सुरक्षित आश्रय देना है। संस्था के मौजूदा मॉडल में डोनेशन, रेस्क्यू, मेडिकल केयर, शेल्टर और वर्चुअल एडॉप्शन जैसे काम शामिल हैं। कस्तूरी का सपना है कि सड़कों पर कम से कम बेसहारा जानवर हों और जिन्हें मदद की जरूरत है, उन्हें समय पर इलाज और सुरक्षित जगह मिल सके।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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