Nana Patekar Bastar Connection: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद बस्तर के रंगकर्मियों के बीच भी उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित अपने आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद 75 वर्षीय अभिनेता का निधन हुआ।
इसी बीच रंगकर्मी धर्मेंद्र महापात्रा ने नाना पाटेकर के साथ पुरानी तस्वीरें साझा कर उनके 1987 के बस्तर प्रवास से जुड़े किस्से बताए हैं। नाना पाटेकर फिल्म ‘आज का महाभारत’ की शूटिंग के सिलसिले में बस्तर आए थे और करीब एक सप्ताह यहां रुके थे।
1987 में फिल्म शूटिंग के लिए पहुंचे थे बस्तर
धर्मेंद्र महापात्रा न के मुताबिक, नाना पाटेकर वर्ष 1987 में फिल्म ‘आज का महाभारत’ की शूटिंग के लिए बस्तर आए थे। फिल्म यूनिट में उनके साथ दीप्ति नवल, सुरेश ओबेरॉय, भारत भूषण और नीता पुरी सहित अन्य कलाकार भी मौजूद थे। नाना पाटेकर जगदलपुर के शहीद पार्क रोड स्थित गोयल भवन में ठहरे थे। करीब एक सप्ताह के इस प्रवास के दौरान उनका स्थानीय रंगकर्मियों और कलाकारों से संपर्क हुआ था।

खुद खुली जीप चलाकर जाते थे शूटिंग लोकेशन
बस्तर प्रवास से जुड़ी यादें साझा करते हुए उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर शूटिंग के लिए साथी कलाकारों के साथ खुली जीप खुद चलाकर लोकेशन पर जाते थे। उस समय बस्तर में फिल्म और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर प्रशासनिक पाबंदियां थीं। इसी वजह से फिल्म की शूटिंग बस्तर के बजाय धनपुंजी के पास ओडिशा के चांदली और देवड़ा के जंगलों में की गई थी। फिल्म में बस्तर के स्थानीय रंगकर्मियों को भी अभिनय का मौका मिला था। जानकारी के मुताबिक, आकाशवाणी के उद्घोषक एवं रंगकर्मी जी. श्याम, रंगकर्मी शहजाद रहीम और गौतम कुंडू ने फिल्म में छोटे किरदार निभाए थे।
इंजीनियरिंग कॉलेज में बने थे मुख्य अतिथि
नाना पाटेकर के बस्तर प्रवास की एक और याद जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ी है। उस समय इंजीनियरिंग कॉलेज आज के एयरपोर्ट के सामने स्थित भवन में संचालित होता था। कॉलेज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में नाना पाटेकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने कला, संस्कृति, फिल्म और बस्तर से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए थे।
रंगमंच और कला पर हुई थी बातचीत
बस्तर प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने स्थानीय कलाकारों और रंगकर्मियों से मुलाकात की थी। इस दौरान रंगमंच, फिल्म और अलग-अलग कला विधाओं पर खुलकर चर्चा हुई। नाना पाटेकर के निधन के बाद बस्तर के रंगकर्मी और उनके प्रशंसक इन पुरानी मुलाकातों और यादों को सोशल मीडिया पर साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।



