रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बीजेपी के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने मुख्यमंत्री से अपनी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के मद्देनजर इलाज की अपील की थी। जिसकी जानकारी मिलते ही पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा कार्यकर्ता से संपर्क कर उनका हाल-चाल पूछा और उन्हें उपचार के लिए रायपुर बुलाया।

बता दें कि यादव दो साल पहले प्रधानमंत्री की सभा में अपने कार्यकर्ताओं के साथ शामिल होने जा रहे थे, तभी बेमेतरा के पास उनकी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में यादव गंभीर रूप से घायल हुए और स्थायी विकलांगता का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, आर्थिक तंगी और भाजपा संगठन की उपेक्षा ने उनकी स्थिति को और खराब कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर के कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के मोबाइल के माध्यम से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से संपर्क किया और उन्हें उचित इलाज का आश्वासन दिया। यादव को इलाज के लिए रायपुर बुलाया। बघेल ने इस मामले में सीधे पहल कर उन्हें तत्काल मदद और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

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विशंभर यादव का परिवार हमेशा से भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता आरएसएस से जुड़े रहे, जबकि वे और उनकी पत्नी पार्टी के सक्रिय सदस्य रहे। दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को ले जाने की जिम्मेदारी यादव को दी गई थी। उसी दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ, जिसमें उन्हें स्थायी चोटें आईं। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से सहानुभूति व्यक्त की थी। साथ ही छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे थे।

यादव ने बताया कि लगातार दो वर्षों से उनका इलाज परिवार के खर्च पर हो रहा है, जिसमें अब तक लगभग 30-35 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। आर्थिक तंगी और संगठन की उपेक्षा के कारण उनका परिवार अब मुश्किल में है। यादव ने कहा कि शरीर और आर्थिक स्थिति दोनों ही कमजोर हो गए हैं, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की।

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उनकी पत्नी ने भी संगठन से अपील की कि उनके पति का इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार भाजपा के लिए समर्पित रहा है, लेकिन अब संगठन की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा कार्यकर्ताओं को सर्वोपरि बताती रही है, लेकिन उनके पति की स्थिति को देख कर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।