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CG News: शराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल को राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत, फिर भी रहना होगा जेल में

Ramgopal Agrawal and Arunpati Tripathi Granted Bail
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Chhattisgarh Liquor scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
  • जस्टिस बीडी गुरु की अदालत ने एसीबी के शराब घोटाला मामले में उनकी जमानत याचिका मंजूर की है।
  • हालांकि, इस राहत के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल की जेल से तत्काल रिहाई नहीं होगी।
  • रामगोपाल अग्रवाल को अभी ईडी के कोल घोटाले और ईडी के शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी जमानत मिलना बाकी है।

Chhattisgarh Liquor scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस बीडी गुरु की अदालत ने एसीबी के शराब घोटाला मामले में उनकी जमानत याचिका मंजूर की है। हालांकि, इस राहत के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल की जेल से तत्काल रिहाई नहीं होगी।

रामगोपाल अग्रवाल को अभी ईडी के कोल घोटाले और ईडी के शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी जमानत मिलना बाकी है। इसके अलावा एसीबी के चावल घोटाला मामले में भी उनकी जमानत याचिका लंबित है। इन मामलों में जमानत मिलने तक उन्हें जेल में ही रहना होगा।

ईडी और एसीबी को नोटिस, दो हफ्ते बाद सुनवाई

जानकारी के मुताबिक, ईडी के कोल घोटाले, ईडी के शराब घोटाले और एसीबी के चावल घोटाले से जुड़ी जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने ईडी और एसीबी को नोटिस जारी किया है। इन याचिकाओं पर दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी। जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस राकेश मोहन पांडे की अदालत में ये याचिकाएं लगी हैं।

अरुणपति त्रिपाठी को भी राहत

वहीं, आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को मैनपावर घोटाला मामले में जमानत दी गई है। अरुणपति त्रिपाठी करीब 95 दिनों बाद मैनपावर घोटाला मामले में जेल से बाहर आ सकेंगे। इस मामले में उनके पक्ष की ओर से अधिवक्ता शशांक मिश्रा ने पैरवी की।

क्या है मैनपावर घोटाले का मामला?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, शराब दुकानों में कर्मचारियों को मिलने वाला ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों का भुगतान कर्मचारियों तक नहीं पहुंचाया गया। आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी रिकॉर्ड और बिल तैयार कर इन मदों के नाम पर सरकार से करोड़ों रुपये का भुगतान हासिल किया। एजेंसियों को वास्तविक भुगतान से अधिक रकम दिए जाने का भी आरोप है।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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