रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) एक बार फिर विवादों में है। यहां पेपर लीक के बाद अब खराब रिजल्ट को लेकर छात्रों ने मंगलवार से आंदोलन शुरू कर दिया। दर्जनों छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन में जुटे और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने “एक कचौड़ी दो समोसा, फैकल्टी का क्या भरोसा” और “हम पढ़ेंगे, हम लड़ेंगे” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को NSUI का समर्थन भी मिला है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा और मूल्यांकन में पारदर्शिता होनी चाहिए। बताया जा रहा है कि हाल ही में जारी BSc कृषि सेकेंड सेमेस्टर के रिजल्ट में कांकेर कृषि कॉलेज में 107 में से 100 छात्र फेल हो गए हैं, जिसके बाद नाराजगी बढ़ी है।

छात्रों की 5 प्रमुख मांगे:
- उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच कर संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
- ईयर बैक सिस्टम को पूरी तरह समाप्त कर स्थायी नियम बनाया जाए।
- 4 विषयों में पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य किया जाए और शुल्क माफ हो।
- ग्रेस मार्क्स बढ़ाए जाएं।
- RTI में उत्तर पुस्तिका देखने पर ‘बुक रेफरेंस’ का नियम समाप्त किया जाए।
पारदर्शी परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था के लिए उठाई आवाज
छात्रों का कहना है कि परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े। इस प्रदर्शन को NSUI ने भी समर्थन दिया है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस विरोध के बाद कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं।
इस बीच एबीवीपी के प्रतिनिधि मंडल ने निशुल्क पुनर्मूल्यांकन जैसे अन्य छात्रों की मांगों को कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के सामने रखा। चर्चा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुनर्मूल्यांकन के लिए विषय की सीमा 2 से बढ़ाकर 4 कर दी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. IGKV में छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
Ans. 2 महीने पहले पेपर लीक से परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा हुई परीक्षा में खराब रिजल्ट आया है। कांकेर कॉलेज में 107 में से 100 छात्र फेल बताए जा रहे हैं। छात्र उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच और संशोधित परिणाम की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q2. छात्रों की मुख्य 5 मांगें क्या हैं?
Ans. 1) उत्तर पुस्तिका की निष्पक्ष जांच और नया रिजल्ट, 2) ईयर बैक सिस्टम पूरी तरह खत्म कर स्थायी नियम, 3) 4 विषयों में पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य और शुल्क माफ, 4) ग्रेस मार्क्स बढ़ाना, 5) RTI में बुक रेफरेंस नियम खत्म करना।
Q3. विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
Ans. ABVP प्रतिनिधिमंडल की कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल से चर्चा के बाद पुनर्मूल्यांकन की सीमा 2 से बढ़ाकर 4 विषय कर दी गई है। छात्रों की अन्य मांगों पर प्रशासन का रुख अभी देखना बाकी है।
Q4. क्या इस प्रदर्शन को किसी संगठन का समर्थन मिला है?
Ans. हां, छात्रों के इस प्रदर्शन को NSUI ने समर्थन दिया है। छात्र प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे हैं और पारदर्शी मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं।



