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छत्तीसगढ़ में ‘चेन्दरू’ पुरस्कार का ऐलान, इन्हें मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान, जानिए कौन कर सकता है अप्लाई ?

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। पर्यटन विभाग की इस पहल के तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को हर साल 1 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। […]

Chhattisgarh Rural Tourism Award
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। पर्यटन विभाग की इस पहल के तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को हर साल 1 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

इस पुरस्कार का उद्देश्य गांवों की संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

‘चेन्दरू’ नाम से छत्तीसगढ़ की पहचान

पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ रखा गया है, जो बस्तर और छत्तीसगढ़ के सहज प्राकृतिक जीवन की विशिष्ट पहचान से जुड़ा नाम है। इसी नाम से शुरू किया गया यह पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन में जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का माध्यम बनेगा।

होमस्टे और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

पुरस्कार के जरिए होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे पर्यटकों को गांवों की वास्तविक जीवनशैली और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा, वहीं पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंच सकेगा।

एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र से सम्मान

‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के तहत चयनित व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को यह सम्मान जीवनकाल में केवल एक बार दिया जा सकेगा। इससे ग्रामीण पर्यटन में नए और प्रभावी प्रयोगों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।

छह सदस्यीय जूरी करेगी चयन

पुरस्कार के लिए आने वाली प्रविष्टियों का मूल्यांकन छह सदस्यीय निर्णायक मंडल करेगा। इसकी अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। मूल्यांकन में ग्रामीण पर्यटन में किए गए कार्य, उसका प्रभाव, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन और संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।

समाचार पत्रों में विज्ञापन से बुलाए जाएंगे आवेदन

पुरस्कार के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन जारी कर प्रविष्टियां आमंत्रित करेगा। आवेदन के साथ प्रोफाइल, फोटोग्राफ, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

राज्योत्सव में होगा विजेता का सम्मान

चयनित विजेता या संस्था के प्रतिनिधि को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही विजेता के कार्य, नवाचार और उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे ग्रामीण पर्यटन से जुड़े सफल प्रयासों को राज्य और देश के स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश होगी।

गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का आर्थिक लाभ

बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति से लेकर ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, मेले, पर्व, लोककला और प्राकृतिक स्थल पर्यटन की बड़ी संभावनाएं रखते हैं। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण होगा और रोजगार, स्वरोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचाने का अवसर बढ़ेगा।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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