Parijat Plant Care: पारिजात यानी हरसिंगार अपनी खूबसूरती और खुशबू के लिए जाना जाता है। सफेद पंखुड़ियों और नारंगी डंडी वाला यह फूल रात में खिलता है। आमतौर पर पारिजात का पौधा बड़ा होकर पेड़ का रूप ले लेता है। इसलिए कई लोगों को लगता है कि इसे घर या बालकनी में नहीं उगाया जा सकता।
लेकिन ऐसा नहीं है। सही गमला, भरपूर धूप, पानी और समय-समय पर छंटाई की मदद से पारिजात को गमले में भी उगाया जा सकता है।
पौधा लगाने की सही शुरुआत
पारिजात को बीज से भी उगाया जा सकता है, लेकिन बीज से पौधा तैयार होने में काफी समय लगता है। इसके अलावा बीज हमेशा अच्छी तरह अंकुरित भी नहीं होते। बीज से तैयार पौधे में फूल आने में कई साल तक लग सकते हैं। ऐसे में नर्सरी से तैयार पौधा लिया जा सकता है। कटिंग से पौधा उगाना हो तो 6 से 8 इंच लंबी टहनी लें। इसके नीचे के पत्ते हटा दें और टहनी को मिट्टी में लगा दें। गमले को ऐसी जगह रखें जहां उजाला हो, लेकिन सीधी धूप न पड़े। कुछ दिन में नई पत्तियां दिखाई देने लगेंगी।
सही आकार का गमला
पारिजात लगाने के लिए कम से कम 14 से 16 इंच चौड़ा और गहरा गमला लें। गमले में पानी निकलने की सही व्यवस्था होनी चाहिए। पौधा बड़ा होने पर उसे 18 से 24 इंच के बड़े गमले में शिफ्ट कर दें। पारिजात का ऊपरी हिस्सा काफी घना और भारी हो जाता है। इसलिए मजबूत गमला पौधे को ठीक रखने में मदद करता है।
ज्यादा फूलों के लिए धूप जरूरी
पारिजात में ज्यादा फूल आने के लिए धूप जरूरी है। पौधे को रोज धूप मिलनी चाहिए। इसलिए गमले को बालकनी के उस हिस्से में रखें जहां सबसे ज्यादा धूप आती हो। अगर पौधा ज्यादा छाया में रहेगा तो वह जीवित तो रह सकता है, लेकिन उसमें फूल कम आएंगे। पारिजात के फूल रात में खिलते हैं और उनकी खुशबू बहुत अच्छी होती है।
पानी देते समय रखें संतुलन
पारिजात को समय-समय पर पानी की जरूरत होती है। ध्यान रखें कि पौधे को पानी मिलता रहे। साथ ही बहुत ज्यादा पानी भी न दें और मिट्टी को लंबे समय तक सूखा न रहने दें। दोनों स्थितियां पौधे को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खाद कब और कितनी दें?
वसंत से लेकर शरद ऋतु तक हर 4 से 6 हफ्ते में थोड़ी कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी में मिला दें। जब पौधे में कलियां बनने लगें, तब पोटेशियम और फॉस्फोरस वाली खाद देना फायदेमंद रहता है। इससे फूल ज्यादा आते हैं। वहीं, नाइट्रोजन ज्यादा देने पर पौधे में पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूल कम आते हैं।
फूल खत्म होने के बाद करें छंटाई
घर पर पारिजात को रखने के लिए इसकी छंटाई जरूरी है। सर्दियों के अंत या शुरुआती वसंत में फूल खत्म होने के बाद पौधे की कटाई करनी चाहिए। छंटाई से पौधा ज्यादा बड़ा नहीं होगा। इससे इसे घर या बालकनी में रखना भी आसान रहेगा।



