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सरकारी विभागों से 1.28 करोड़ की वसूली, अब भी 322 कनेक्शन हैं रडार पर, 30 सितंबर के बाद क्या होगा?

Raipur Electricity Bill: राजधानी में बिजली कंपनी ने बकाया बिल की वसूली के लिए सरकारी दफ्तरों पर शिकंजा कस दिया है। 1 सितंबर से शुरू हुई कार्रवाई के बाद अब तक 237 सरकारी कनेक्शनधारियों ने 1.28 करोड़ रुपए जमा किए हैं। इसके बावजूद सर्किल-1 में 322 सरकारी कनेक्शन ऐसे हैं, जिन्होंने नोटिस का जवाब तक […]

Raipur electricity bill recovery drive against government and private consumers
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Raipur Electricity Bill: राजधानी में बिजली कंपनी ने बकाया बिल की वसूली के लिए सरकारी दफ्तरों पर शिकंजा कस दिया है। 1 सितंबर से शुरू हुई कार्रवाई के बाद अब तक 237 सरकारी कनेक्शनधारियों ने 1.28 करोड़ रुपए जमा किए हैं। इसके बावजूद सर्किल-1 में 322 सरकारी कनेक्शन ऐसे हैं, जिन्होंने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है।

बिजली कंपनी अगले सप्ताह इन पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। 30 सितंबर के बाद अभियान और तेज करने की बात कही गई है।

36 सरकारी दफ्तरों की बिजली काटकर दिया सख्त संदेश

बिजली कंपनी अब तक 1.73 करोड़ रुपए के बकाया वाले 36 सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काट चुकी है। इनमें नगर निगम के जोन कार्यालय, रजिस्ट्री ऑफिस, बस स्टैंड और सामुदायिक भवन समेत कई सरकारी परिसर शामिल हैं। कार्रवाई का असर भुगतान पर भी दिख रहा है। 1 सितंबर के बाद 237 सरकारी कनेक्शनधारियों ने बकाया राशि जमा की है। यानी कार्रवाई शुरू होने के बाद सरकारी विभागों से बड़ी रकम की वसूली हुई है।

322 कनेक्शन अब रडार पर

सर्किल-1 में तीन हजार से ज्यादा सरकारी भवन हैं। इनमें 322 कनेक्शनधारियों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। अब इन पर अगले सप्ताह कार्रवाई की तैयारी है। सर्किल-2 में भी 119 सरकारी विभाग बिजली बिल का भुगतान नहीं करने के कारण कार्रवाई के दायरे में हैं। हालांकि, जिन विभागों की ओर से लिखित में भुगतान का भरोसा दिया जा रहा है, उन्हें फिलहाल समय दिया जा रहा है।

हर सप्ताह 20 से 25 बकायादारों को नोटिस

बिजली कंपनी ने वसूली के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई है। हर सप्ताह करीब 20 से 25 बकायादारों को नोटिस दिए जा रहे हैं। भुगतान के लिए 7 से 14 दिन का समय दिया जाता है। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं करने पर टीम कनेक्शन काटने पहुंच रही है। कार्रवाई के दौरान कई बार आला अधिकारियों के फोन भी आते हैं, लेकिन टीम लिखित भुगतान आश्वासन मिलने के बाद ही लौट रही है। मुख्यालय ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाया रखने वाले कनेक्शन बिना भुगतान या तय प्रक्रिया के जारी नहीं रखे जाएं।

सरकारी दफ्तरों के बाद निजी और उद्योगों की बारी

बिजली कंपनी की कार्रवाई अब सिर्फ सरकारी विभागों तक सीमित नहीं है। निजी घरों, संस्थानों, कंपनियों और उद्योगों पर भी करीब 5 करोड़ रुपए का बकाया बताया गया है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की नोटिस अवधि खत्म होने के बाद कनेक्शन सीधे डिस्कनेक्ट किए जा रहे हैं। उरला, भनपुरी, रावांभाटा और सिलतरा के औद्योगिक बकायादारों से भी वसूली हुई है। अधिकारियों के अनुसार पुराने बकायादार अब तक 5 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा कर चुके हैं।

5 हजार से 10 हजार रुपए बकाये पर भी कार्रवाई

नियमों के मुताबिक बिल जारी होने के 15 दिन के भीतर भुगतान करना होता है। इसके बाद बिल ओवरड्यू होने के साथ अधिभार जुड़ता है। अंतिम तिथि निकलने के बाद 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। घरेलू उपभोक्ता पर 5 हजार रुपए या उससे ज्यादा बकाया होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई हो सकती है। व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन में यह सीमा 10 हजार रुपए या उससे ज्यादा है। स्मार्ट मीटर वाले क्षेत्रों में नोटिस अवधि खत्म होने के बाद सप्लाई बंद की जा सकती है। बकाया या स्वीकृत किस्त और री-कनेक्शन शुल्क जमा करने के बाद 24 से 48 घंटे में बिजली बहाल की जाती है।

30 सितंबर के बाद बढ़ेगा दबाव

फिलहाल लिखित भुगतान का भरोसा देने वाले सरकारी दफ्तरों को समय दिया जा रहा है। लेकिन नोटिस अवधि खत्म होने के बाद भुगतान नहीं करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। बिजली कंपनी ने 30 सितंबर के बाद अभियान और तेज करने की बात कही है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में सरकारी दफ्तरों के साथ निजी, व्यावसायिक और औद्योगिक बकायादारों पर भी कार्रवाई बढ़ सकती है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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