ED Officers SC-ST Act Case: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत दर्ज FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
जवाब दाखिल करने में हो रही देरी और दोबारा समय मांगे जाने पर अदालत ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय की।
ED अधिकारियों ने FIR रद्द करने की मांग की है
पूरा मामला ED के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से इन अधिकारियों पर पूछताछ और जांच के दौरान मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद ED अधिकारियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया और FIR को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। अधिकारियों की ओर से इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए अदालत से राहत की मांग की गई है।
जवाब दाखिल करने में देरी पर कोर्ट नाराज
बुधवार की सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने के लिए फिर समय मांगा गया। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने समय मांगने पर प्रतिवादी पक्ष पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में जवाब दाखिल करने को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले भी अदालत ने हेमंत सोरेन को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
अप्रैल में भी लगा था जुर्माना
अप्रैल 2026 में हुई सुनवाई के दौरान भी जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। उस समय भी हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जुर्माना लगाया था। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पहले ED अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगाई थी और राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
अब 2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
बुधवार की सुनवाई के बाद अब इस मामले में अगली तारीख 2 नवंबर तय की गई है। उस दिन FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।



